मलेरिया के विरुद्ध सतर्क स्वास्थ्य अमला: कांकेर में जांच, उपचार और निगरानी लगातार जारी

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

 

*दो बच्चों की मृत्यु के मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने साझा की जांच व उपचार की विस्तृत जानकारी*

रायपुर, 27 जुलाई 2026/
उत्तर बस्तर कांकेर जिले में मलेरिया से संबंधित दो मृत्यु के मामलों के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत जानकारी जारी की है। विभाग के अनुसार दोनों मामलों में बच्चों की जांच, उपचार, रेफरल तथा संबंधित क्षेत्रों में मलेरिया जांच की कार्रवाई की गई। 22 जुलाई को चलाए गए मलेरिया मुक्त अभियान के अंतर्गत दोनों संबंधित क्षेत्रों में जांच के दौरान रिपोर्ट निगेटिव पाई गई थी।

*आश्रम में बच्चों की सामूहिक जांच, पॉजिटिव पाए गए बच्चों को दी गई दवा*

सुभाष कुमेटी (उम्र 10 वर्ष), ग्राम डुडेरापाल, विकासखंड केशकाल, जिला कोंडागांव, बालक आश्रम मर्दापोटी में रहकर अध्ययनरत था। आश्रम के दो बच्चों की तबीयत खराब होने पर 21 जुलाई को उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया, जहां आरडी किट जांच में पीएफआर पाया गया और चिकित्सक द्वारा एसीटी एवं प्राइमाक्वीन की पहली खुराक दी गई। 22 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आश्रम के 46 बच्चों की जांच की, जिसमें दो अन्य बच्चों की रिपोर्ट पीएफआर पॉजिटिव पाई गई और उन्हें मलेरिया की दवा दी गई। आरएफएस के दौरान सुभाष की जांच निगेटिव पाई गई।

24 जुलाई को सुभाष को पुनः प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया, जहां जांच पीएफआर पॉजिटिव आई। उपचार की पहली खुराक देने के बाद शेष दवा आश्रम अधीक्षक को दी गई। 25 जुलाई की सुबह बच्चे के परिजन उसे अपने साथ गृहग्राम डुडेरापाल ले गए। अगले दिन सुबह 3 बजे उसकी तबीयत खराब होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल कांकेर में भर्ती कराया गया, जहां 26 जुलाई की सुबह उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

Loading Viewer...

*डोमाहरी में तीन बच्चियों की जांच पॉजिटिव, उपचार और रेफरल की कार्रवाई*

दूसरे प्रकरण में ग्राम डोमाहर्रा, विकासखंड कांकेर निवासी तीजाराम विश्वकर्मा अपनी तीन बेटियों—रवीना विश्वकर्मा (11 वर्ष), सलीना (5 वर्ष) एवं करीना विश्वकर्मा (9 वर्ष)—को बुखार की शिकायत पर 23 जुलाई को आयुष्मान आरोग्य मंदिर डोमाहर्रा लेकर गए। आरडी किट जांच में तीनों बच्चियों को पीएफआर पॉजिटिव पाया गया। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा एसीटी एवं प्राइमाक्वीन की पहली खुराक दी गई तथा शेष दवा अभिभावक को दी गई। उसी दिन उनके घर के आसपास आरएफएस भी किया गया।
24 जुलाई को बच्चों के पिता की जांच निगेटिव आई, लेकिन स्वास्थ्य ठीक नहीं होने पर उन्हें 108 के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धनेलीकन्हार भेजा गया। तीनों बच्चियों को भी वहां भर्ती कराया गया। तीजाराम की पुनः जांच पीएफआर पॉजिटिव पाई गई और उपचार किया गया। करीना की तबीयत अचानक बिगड़ने पर 25 जुलाई की रात मेडिकल कॉलेज कांकेर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान 25 जुलाई की सुबह 7:30 बजे उसकी मृत्यु हो गई।

*मलेरिया नियंत्रण के लिए जांच और निगरानी पर जोर*
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि दोनों प्रकरणों से जुड़े क्षेत्रों में 22 जुलाई को मलेरिया मुक्त अभियान के तहत जांच की गई थी, जिसमें संबंधित जांच निगेटिव पाई गई थी। विभाग द्वारा बुखार के मामलों की पहचान, त्वरित जांच, समय पर उपचार तथा आवश्यकतानुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफरल की कार्रवाई की जा रही है।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment