Israel–Iran conflict: दुबई-दोहा में धमाकों की गूंज, अमेरिकी बेस पर हमले की खबर; खामेनेई की मौत पर ईरान में कोहराम

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नई दिल्ली/तेहरान/दुबई: मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार दुबई में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इसी बीच कतर की राजधानी Doha में भी धमाकों की सूचना सामने आई है। घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

इजरायल की जनरल स्टाफ बिल्डिंग पर हमला

ईरानी मीडिया के मुताबिक, इजरायल की सैन्य मुख्यालय (जनरल स्टाफ बिल्डिंग) को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमला किया गया, जिसके बाद इमारत से धुआं उठता देखा गया। बताया जा रहा है कि यह हमला ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद पहली बड़ी सैन्य कार्रवाई है।

हालांकि, इजरायल की ओर से इस हमले को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

दुबई और दोहा में धमाकों से दहशत

दुबई में धमाकों की आवाजें सुनाई देने के बाद नागरिकों में दहशत का माहौल है। वहीं दोहा में भी विस्फोटों की खबर ने खाड़ी देशों की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर ला दिया है। क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में झंडा आधा झुका

भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित Embassy of Iran in New Delhi ने खामेनेई की मौत के बाद अपना राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया है। इसे आधिकारिक शोक की प्रतीकात्मक कार्रवाई माना जा रहा है।

तेहरान में मातम, सड़कों पर उतरे लोग

Press TV की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के Enghelab Square पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया। कई जगहों पर लोगों को रोते-बिलखते और प्रार्थना करते देखा गया।

‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे

खामेनेई की मौत के बाद पूरे ईरान में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां एक ओर समर्थकों में गहरा शोक है, वहीं कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। कई शहरों में ‘अमेरिका की मौत’ और ‘इजरायल की मौत’ जैसे नारे सुनाई दिए।

क्षेत्रीय युद्ध का खतरा

विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकते हैं। अमेरिका और इजरायल की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका के बीच खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

फिलहाल दुनिया की नजर मध्य-पूर्व की बदलती स्थिति पर टिकी हुई है। आने वाले कुछ घंटे इस संघर्ष की दिशा तय कर सकते हैं।

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Author: Deepak Mittal

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