पटना: बिहार विधानमंडल का सत्र 2 फरवरी से शुरू होगा। सत्र के दूसरे दिन 3 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश किया जाएगा। इस बजट में शिक्षा विभाग को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। अनुमान है कि शिक्षा विभाग को 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया जा सकता है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में करीब 10 हजार करोड़ रुपये अधिक होगा।
पिछले वित्तीय वर्ष में शिक्षा विभाग को 60 हजार 964 करोड़ रुपये का बजट मिला था, जबकि उच्च शिक्षा के लिए लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इस बार उच्च शिक्षा के बजट में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है और इसके दोगुना होने की संभावना बताई जा रही है।
वेतन, भवन और सुविधाओं पर रहेगा जोर
शिक्षा विभाग ने बजट से जुड़े प्रस्तावों की फाइल दिसंबर महीने में ही वित्त विभाग को भेज दी थी। प्रस्तावित बजट में शिक्षकों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, नए स्कूल भवनों के निर्माण और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष फोकस रहेगा।
इस संबंध में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई गई है और स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाना है।
Author: Deepak Mittal










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