हैदराबाद: बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (केटीआर) ने कथित फोन टैपिंग मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्रवाई को कांग्रेस सरकार की “शासन संबंधी विफलताओं और अधूरे वादों” से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास बताया है। मंगलवार को आठ घंटे से अधिक समय तक चली एसआईटी पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत में केटीआर ने जांच को एक “कल्पित नाटक” करार दिया।
केटीआर ने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया और साढ़े सात घंटे तक पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए, लेकिन पूरी प्रक्रिया दोहरावपूर्ण और सारहीन रही। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने बिना किसी ठोस सबूत के केवल सैकड़ों नाम पढ़े, जिससे जांच की गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने पिछले दो वर्षों में मीडिया को कथित रूप से लीक की गई जानकारियों पर एसआईटी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। केटीआर के अनुसार, इन लीक का इस्तेमाल बीआरएस नेताओं और उनके परिवारों की निजी जिंदगी और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया, लेकिन जांच एजेंसी यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
कांग्रेस सरकार पर हमला तेज करते हुए केटीआर ने दावा किया कि मौजूदा शासन में फोन निगरानी की प्रथा समाप्त होने के बजाय और बढ़ गई है। उन्होंने एक मौजूदा मंत्री के हवाले से कहा कि फोन टैपिंग के डर से वे खुलकर बोलने से बचते हैं। केटीआर ने पूछा कि ऐसे गंभीर आरोपों पर सरकार ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की, जबकि विपक्ष के खिलाफ कथित मनगढ़ंत कहानियों को बढ़ावा दिया गया।
बीआरएस नेता ने सत्तारूढ़ दल से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामलों की जांच के लिए अलग से एसआईटी गठित करने की मांग की। उन्होंने एक मंत्री के ओएसडी पर 300 करोड़ रुपये की उगाही के प्रयास, राजस्व मंत्री के बेटे पर जमीन हड़पने के आरोप और मुख्यमंत्री के साले को अमृत योजना के टेंडर दिए जाने जैसे मामलों का उल्लेख किया। केटीआर ने कहा कि यदि कानून वास्तव में सबके लिए समान है, तो इन मामलों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि भारत राष्ट्र समिति कानून का पालन करने वाली पार्टी है और राजनीतिक प्रतिशोध से डरने वाली नहीं है। केटीआर ने बताया कि वे स्वयं और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव सहित वरिष्ठ नेता बिना किसी कानूनी राहत या समय विस्तार मांगे, तलब किए जाने पर तुरंत एसआईटी के समक्ष उपस्थित हुए।
अंत में केटीआर ने कांग्रेस सरकार से “ध्यान भटकाने की राजनीति” छोड़कर तेलंगाना की जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की और कहा कि बीआरएस सरकार की विफलताओं को उजागर करती रहेगी।
Author: Deepak Mittal









