मानव तस्करों का भंडाफोड़…..12 बच्चे छुड़ाए गए, बड़े गिरोह का पर्दाफाश..

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झारखंड: पुलिस ने मानव तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. रांची पुलिस ने 12 बच्चों को मुक्त कराने के साथ ही इस गिरोह के 16 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. रांची पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का संचालन बिहार के औरंगाबाद, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से किया जा रहा था. जानकारी के मुताबिक रांची पुलिस धुर्वा थाना क्षेत्र से अगवा किए गए अंश और अंशिका की तलाश में जुटी थी. इन दोनों की तलाश में पुलिस ने अलग-अलग राज्यों से बच्चा चोर गिरोह के 16 सदस्यों को पकड़ा. इस गिरोह के चंगुल से रांची पुलिस ने 12बच्चों को भी आजाद कराया, जिन्हें धुर्वा थाने में रखा गया है. इन बच्चों को धनबाद, बोकारो, चाईबासा और रांची से बरामद किया गया.

पुलिस बरामद बच्चों के परिजनों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी में है. रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने बताया कि गायब किए गए बच्चों से चोरी, भीख मंगवाने समेत हर तरह के अनैतिक कार्य करवाए जाते थे. उन्होंने बताया कि यह गिरोह जिन लड़कियों को गायब करता था, बड़े होने पर उनसे देह व्यापार भी करवाया जाता था.

एसएसपी ने कहा कि बच्चा चोर गिरोह के तार मानव अंग की तस्करी करने वाले सिंडिकेट से तो नहीं जुड़े हैं, इस बात की भी पड़ताल की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस गैंग की पहचान गुलगुलिया गैंग के रूप में हुई है, जिसे बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से चलाया जा रहा था. गुलगुलिया गैंग आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को टार्गेट करता था और उन्हें चुराकर बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल, ओडिशा और यूपी में बेच दिया जाता था. रांची के एसएसपी ने कहा कि सूबे से चुराए गए दर्जनों बच्चों को बिहार के औरंगाबाद निवासी अशोक सिंह और बाबू साहेब के अलावा बंगाल के सूरज रवानी खरीद चुके हैं. उन्होंने कहा कि अंश और अंशिका को भी बेचने की तैयारी थी. इनका सौदा भी तय कर लिया गया था, एडवांस ले लिया गया था. अंश और अंशिका के साथ गिरफ्तार दंपति पहले भी कुछ लाख रुपयों के लिए बच्चों की खरीद फरोख्त कर चुका है.

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Author: Deepak Mittal

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