रायगढ़: जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और औद्योगिक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों की कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी स्वयं नियमित समीक्षा कर रहे हैं और संबंधित विभागों को नियमों का कड़ाई से पालन कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
हाल के महीनों में हुई औद्योगिक दुर्घटनाओं के बाद किए गए निरीक्षणों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर प्रशासन ने निर्णायक कार्रवाई की। कार्यालय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ द्वारा जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान श्रमिक सुरक्षा मानकों का उल्लंघन, आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की कमी, प्रक्रियात्मक लापरवाही और अधिनियमों के प्रावधानों की अनदेखी जैसी खामियां पाई गईं।
इन अनियमितताओं के आधार पर कारखाना अधिनियम 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम 1996 एवं नियम 2008 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की गई। उप संचालक द्वारा 6 औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध 6 आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय, रायगढ़ में प्रस्तुत किए गए, जिनका निराकरण दिसंबर 2025 में किया गया।
श्रम न्यायालय में सुनवाई के बाद सभी संबंधित इकाइयों को सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का दोषी पाया गया, जिसके पश्चात अधिभोगियों और कारखाना प्रबंधकों पर भारी अर्थदण्ड लगाया गया।
मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड की 1 एमपीए स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट, खरसिया रोड रायगढ़ में कारखाना अधिनियम की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन पर अधिभोगी सब्यसाची बन्योपाध्याय और कारखाना प्रबंधक अमरेश पांडे को क्रमशः 1.50 लाख-1.50 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
इसी तरह मेसर्स नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी पर अधिभोगी सरदार सिंह राठी और कारखाना प्रबंधक रविन्द्र सिंह चौहान पर 1.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के उल्लंघन पर संचालक विनय कुमार शर्मा और ठेकेदार अजय कुमार दास पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया। वहीं इसी इकाई में कारखाना अधिनियम से जुड़े एक अन्य मामले में अधिभोगी विनय कुमार शर्मा और कारखाना प्रबंधक जी.के. मिश्रा को कुल 2.80 लाख रुपये का जुर्माना किया गया।
इसके अलावा मेसर्स एनआरव्हीएस स्टील्स लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक पवन अग्रवाल को 1.60 लाख रुपये तथा मेसर्स एन.आर. इस्पात एंड पावर प्रा.लि., ग्राम गौरमुड़ी, पोस्ट सराईपाली में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक मोहित कुमार मिश्रा को भी 1.60 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि जिले में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और औद्योगिक इकाइयों में किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती को श्रमिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Author: Deepak Mittal










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