दुर्ग: जिले में पर्यावरण कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाले औद्योगिक संस्थानों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर जनदर्शन में मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कलेक्टर अभिजित सिंह के निर्देशन में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) की टीम ने कई औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान गंभीर प्रदूषण और नियमों का खुला उल्लंघन सामने आने पर संबंधित फैक्ट्रियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इन इलाकों में हुई सख्त कार्रवाई
यह कार्रवाई मुख्य रूप से भिलाई-03 तहसील के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में की गई, जिसमें—
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ग्राम अकलौरडीह-जरवाय
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ग्राम जरवाय
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कुम्हारी (अहिवारा रोड) क्षेत्र शामिल हैं।
ग्राम अकलौरडीह-जरवाय में संचालित मेसर्स आर.डी. एजेंसी (वेस्ट मटेरियल स्क्रीनिंग यूनिट) को अत्यधिक धूल उत्सर्जन और बिना अनुमति संचालन के कारण बंद किया गया।
वहीं ग्राम जरवाय में स्थित मेसर्स पंकज अग्रवाल (स्लैग क्रशिंग यूनिट) और मेसर्स टेथिस इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड पर भी पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को लेकर ताला लगा दिया गया।
प्रदूषण नियंत्रण उपकरण नहीं, फैक्ट्री बंद
कुम्हारी क्षेत्र के अहिवारा रोड पर स्थित मेसर्स वैद्य फूड प्रोडक्ट्स में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण नहीं पाए जाने पर उसे भी तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश
पर्यावरण मंडल ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 33(क) तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 31(क) के तहत की गई है।
साथ ही सीएसपीडीसीएल के कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित इकाइयों के विद्युत कनेक्शन तत्काल विच्छेदित किए जाएं।
आदेश न मानने पर होगी कड़ी सजा
कलेक्टर अभिजित सिंह ने साफ चेतावनी दी है कि यदि आदेशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित उद्योग संचालकों के खिलाफ जल अधिनियम की धारा 41 और वायु अधिनियम की धारा 37 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
Author: Deepak Mittal










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