छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने भूमि स्वामियों और किसानों को बड़ी राहत देते हुए जमीनों के डायवर्सन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। अब प्रदेश में जमीन का डायवर्सन कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि यह काम घर बैठे ऑनलाइन किया जा सकेगा। इस संबंध में राजस्व विभाग ने अधिसूचना जारी कर इसे राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों, उनकी बाहरी सीमा से 5 किलोमीटर तक के क्षेत्र, नगर पंचायत क्षेत्रों और नगर पंचायत की बाहरी सीमा से 2 किलोमीटर तक के क्षेत्र, साथ ही ग्रामीण इलाकों में भूमि डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमानुसार संबंधित भूमि का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि इस ऑनलाइन प्रणाली से डायवर्सन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध होगी। अब गांव से लेकर शहर तक के भूमि स्वामियों और किसानों को एसडीएम कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डायवर्सन के लिए भूमि स्वामी को सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ निर्धारित भू-राजस्व और प्रीमियम राशि का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। आवेदन संबंधित जिले के एसडीएम को ऑनलाइन ही प्राप्त होगा। नियमों के अनुसार एसडीएम को 15 दिनों के भीतर डायवर्सन आदेश जारी करना अनिवार्य होगा। यदि तय समय सीमा में आदेश जारी नहीं किया गया, तो 16वें दिन ऑटोमेटिक सिस्टम के माध्यम से आदेश जारी होकर डायवर्सन स्वतः मान्य माना जाएगा।
नई व्यवस्था में डायवर्सन के लिए प्रीमियम दरें भी तय की गई हैं, जो लगभग 3 रुपये प्रति वर्गमीटर से लेकर 25 रुपये प्रति वर्गमीटर तक होंगी। ये दरें नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसार अलग-अलग होंगी। इसके साथ ही आवासीय, कॉलोनी परियोजना, वाणिज्यिक, औद्योगिक, मिश्रित उपयोग, सार्वजनिक, संस्थागत, चिकित्सा सुविधाएं और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) जैसी श्रेणियों के लिए अलग-अलग प्रीमियम दरें लागू होंगी।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से भूमि से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी और आम नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
Author: Deepak Mittal










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