भिलाई।
छत्तीसगढ़ की लोककला-संस्कृति को जीवन भर समर्पित रहने वाले भिलाई निवासी लोक कलाकार दंपत्ति नवल दास मानिकपुरी और अनुसुइया मानिकपुरी को एक भव्य समारोह में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सम्मानित किया। मनेंद्रगढ़ में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मंत्री ने उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया, जिससे पूरे कला जगत में गर्व और खुशी की लहर दौड़ गई।
यह सम्मान छत्तीसगढ़ी लोक कला, गीत, भजन और सांस्कृतिक योगदान के लिए दिया गया, जिसमें मानिकपुरी दंपत्ति का योगदान उल्लेखनीय रहा है। नवल दास मानिकपुरी न केवल एक भजन गायक और गीतकार हैं, बल्कि वे आकाशवाणी, दूरदर्शन और फिल्मों के माध्यम से भी छत्तीसगढ़ की लोक कला को मंच प्रदान करते रहे हैं। उनकी पत्नी अनुसुइया मानिकपुरी भी एक वरिष्ठ लोक गायिका हैं, जो वर्षों से कला की सेवा में सक्रिय हैं।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक कलाकार व जिला पंचायत सदस्य भगत बाबू ने की, जबकि मंच संचालन छत्तीसगढ़ कलाकार विकास संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष परमेश्वर सिंह मरकाम ने किया।
सम्मान समारोह के बाद मानिकपुरी दंपत्ति ग्राम पंचायत बैंजी पहुंचे, जहां जोगनी छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच के बैनर तले एक भव्य भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया और उन्होंने अपने भजनों से माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। कबीर भजनों से लेकर छत्तीसगढ़ी गीतों तक, हर प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में कलाकारों और ग्रामीणों की भारी उपस्थिति रही। मंच पर एम एस आर म्यूजिक बंजी के डायरेक्टर चंद्रशेखर, गायक-गीतकार श्याम बिहारी दीवान, तथा अन्य कई कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी। इस दौरान मानिकपुरी दंपत्ति ने कलाकारों को छत्तीसगढ़ कलाकार विकास संघ से जोड़ने का भी आह्वान किया।
इस आयोजन ने न केवल एक कलाकार दंपत्ति को सम्मानित किया, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को नई ऊर्जा और पहचान दी।
Author: Deepak Mittal









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