अगर आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं, तो आपके लिए सतर्क हो जाना जरूरी है, क्योंकि जुलाई और अगस्त माह से देश के प्रमुख बैंकों जैसे कि एसबीआई और एचडीएफसी द्वारा क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।
यह बदलाव न केवल सुविधाओं में कटौती लेकर आ रहे हैं, बल्कि शुल्कों और शुल्क की गणना के नए नियमों से आपकी जेब पर भी असर डालेंगे।
बड़ी बातें एक नजर में:
हवाई यात्रा बीमा कवर खत्म:
अब एसबीआई और एचडीएफसी जैसे बैंकों के कुछ क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाला एक करोड़ रुपये तक का एयर ट्रैवल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर समाप्त किया जा रहा है।
एसबीआई के प्राइम और पल्स क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाला 50 लाख का बीमा कवर भी 15 जुलाई से बंद कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, 11 अगस्त से यूको बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएसबी, केवीबी और इलाहाबाद बैंक के एसबीआई कार्ड्स पर मिलने वाला एक करोड़ और पांच लाख का बीमा कवर भी बंद कर दिया जाएगा।
शुल्क में बढ़ोतरी और नई फीस:
कंज्यूमर कार्ड से ₹50,000 से अधिक के मासिक खर्च पर 1% शुल्क लगेगा।
बिजनेस कार्ड से ₹75,000 से अधिक के मासिक खर्च पर 1% शुल्क लागू होगा।
थर्ड-पार्टी वॉलेट (जैसे पेटीएम, मोबिक्विक, ओला मनी आदि) में ₹10,000 से अधिक मासिक लोडिंग पर 1% शुल्क लिया जाएगा (अधिकतम ₹4999 तक)।
ऑनलाइन स्किल-बेस्ड गेमिंग पर 1% फीस और ₹10,000 मासिक से अधिक खर्च पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
वॉलेट लोडिंग पर भी अब 1% अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
रिवार्ड प्वाइंट में बदलाव:
रिवार्ड प्वाइंट्स की सीमा तय कर दी गई है और एक तय सीमा के बाद रिवार्ड लाभ नहीं मिलेगा।
बिल भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव:
अब न्यूनतम देय राशि की गणना में GST, EMI, शुल्क, फाइनेंस चार्ज, ओवर लिमिट राशि सहित बकाया का 2% जोड़ा जाएगा।
भुगतान का क्रम भी बदला जाएगा – अब पहले जीएसटी, फिर ईएमआई, फिर शुल्क, फिर फाइनेंस चार्ज, बैलेंस ट्रांसफर, रिटेल खर्च और अंत में कैश एडवांस को समायोजित किया जाएगा।
Author: Deepak Mittal









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