निर्मल अग्रवाल, ब्यूरो प्रमुख, मुंगेली 8959931111
मुंगेली। भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रेरणास्रोत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में भाजपा जिला कार्यालय, मुंगेली में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर भाजपा के लोकतंत्र सेनानी एवं वरिष्ठ नेता द्वारिका जायसवाल ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का राष्ट्रहित सर्वोपरि था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने के लिए धारा 370 के विरोध में संघर्ष किया। उन्होंने अगस्त 1952 में एक रैली में स्पष्ट कहा था – “या तो मैं आपको भारतीय संविधान प्राप्त कराऊंगा या फिर इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अपना जीवन बलिदान कर दूंगा।”

जिला मीडिया प्रभारी एवं प्रदेश आईटी सेल कार्यसमिति सदस्य सुनील पाठक ने बताया कि वर्ष 1953 में डॉ. मुखर्जी बिना परमिट जम्मू-कश्मीर गए, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 23 जून 1953 को जेल में उनकी रहस्यमयी मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु ने पूरे देश को झकझोर दिया, जिसके बाद परमिट सिस्टम समाप्त हो गया।

इस अवसर पर नगर मंडल के पूर्व महामंत्री रामशरण यादव ने कहा कि हमें डॉ. मुखर्जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य यश गुप्ता ने कहा कि उन्होंने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा देकर राष्ट्रीय एकता की मिसाल कायम की।
कार्यक्रम में गणेश बाजपेयी, जिला कार्यालय मंत्री कोटूमल दादवानी सहित कई वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन नगर मंडल महामंत्री मन्नूलाल श्रीवास्तव ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन महावीर सिंह द्वारा किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिला मंत्री सरस्वती सोनी, श्वेता सोनी, गायत्री भोई, रितिमा लाल, यशोदा यादव, रमेश बुनकर, विजय यादव, सुनील सोनी, हीरालाल साहू, शैलेंद्र यादव, अनूप जैन, होरीलाल सोनकर, राहुल पाठक, रविन्द्र केशरवानी, प्रमोद जांगड़े, विजेंद्र देवांगन, पवन मिश्रा, संतोष लखवानी, हरीश दरड़ा, सचिन यादव सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Author: Deepak Mittal










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