गुजरात के ऊंझा में मिला राष्ट्रीय सम्मान, जिले की शैक्षणिक पहचान को मिला नया आयाम
मोहला-मानपुर-चौकी। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-चौकी जिले की शैक्षणिक दुनिया में एक गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ा है। जिले के तीन शिक्षकों को सरदार पटेल राष्ट्रीय इनोवेटिव टीचर अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। गुजरात के ऊंझा में आयोजित भव्य समारोह में इन शिक्षकों को यह पुरस्कार बाल-केंद्रित शिक्षण, नवाचार और रचनात्मक कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
जिन शिक्षकों को मिला सम्मान:
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राजेन्द्र कुमार ठाकुर — शिक्षक, पूर्व माध्यमिक शाला जबकसा
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चेतनदास सार्वा — सहायक शिक्षक, बालक प्राथमिक शाला मानपुर
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नरेन्द्र कुमार मानिकपुरी — सहायक शिक्षक, प्राथमिक शाला हनईकलखुर्द
इन शिक्षकों का चयन शिक्षण विधियों में नवाचार, विद्यालयों के सौंदर्यीकरण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, छात्र-केंद्रित गतिविधियाँ और समग्र विकास जैसे पहलुओं के आधार पर किया गया।
सम्मान समारोह में राष्ट्रीय स्तर की उपस्थिति
सम्मान समारोह में देशभर से चयनित शिक्षकों को मंच पर आमंत्रित किया गया। सम्मान प्रदान करने वालों में शामिल थे — पद्मश्री शिक्षक जेनाजी भाई पटेल, राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेष कुमार प्रजापति, यूनिसेफ शिक्षा सलाहकार राजेन्द्र जानी, बीईओ भरत चौधरी, डाइट प्राचार्य राजेन्द्र, और सामाजिक कार्यकर्ता कल्याण सिंह पवार।
जिले को मिला राष्ट्रीय मंच पर सम्मान
इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी फत्तेराम कोसरिया, विकासखंड शिक्षा अधिकारी अंगद राम कौर, सहायक बीईओ अरुण मरकाम और बीआरसीसी जाहिदा खान ने शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले की शैक्षणिक छवि को देशभर में नई ऊंचाई देती है।
“यह सम्मान जिले के सतत प्रयासों का प्रतिफल है। उम्मीद है कि यह अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित करेगा।” — जिला शिक्षा विभाग
दूरस्थ अंचल से राष्ट्रीय पहचान तक की यात्रा
इन शिक्षकों की सफलता यह साबित करती है कि यदि लगन, नवाचार और समर्पण के साथ कार्य किया जाए तो दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
(रिपोर्ट: दीपक मितल, प्रधान संपादक, छत्तीसगढ़)
Author: Deepak Mittal










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