सरकारी अस्पताल में अव्यवस्था का नज़ारा, महिला मरीज को गोद में उठाकर लाए परिजन, डॉक्टर्स नदारद

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

जे के मिश्र
ब्यूरो चीफ
नवभारत टाइम्स 24*7in
बिलासपुर

बिलासपुर। ज़िले के सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की हालत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रतनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को एक महिला मरीज़ को उपचार के लिए लाया गया, लेकिन अस्पताल की अव्यवस्था ने परिजनों की चिंता और बढ़ा दी। न तो मौके पर स्ट्रेचर उपलब्ध था और न ही कोई चिकित्सक मौजूद। हालात ऐसे बने कि महिला को उसके परिजनों को गोद में उठाकर वार्ड तक ले जाना पड़ा।

आपातकालीन सेवा ठप, डॉक्टर्स नदारद
जानकारी के अनुसार, जिस समय मरीज़ को तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी, अस्पताल में कोई डॉक्टर तैनात नहीं था। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इमरजेंसी सेवाएं लंबे समय से अस्त-व्यस्त हैं और अस्पताल स्टाफ की लापरवाही आम हो चली है। अस्पताल प्रभारी डॉ. विजय के इस्तीफ़े के बाद से अब तक कोई नया ज़िम्मेदार अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया है, जिससे व्यवस्थाएँ पूरी तरह लड़खड़ा गई हैं।

मौके पर पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष
घटना की जानकारी मिलते ही रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी है और इस दिशा में शासन को तत्काल ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती की मांग की है।

बीपी की मरीज़ घंटों रही अनदेखी
घटना के दौरान एक अन्य महिला मरीज़, जो ब्लड प्रेशर की शिकायत लेकर आई थी, उसे भी समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल पाई। घंटों अस्पताल परिसर में बैठी रही, लेकिन कोई भी डॉक्टर उसकी सुध लेने नहीं पहुंचा।

स्वास्थ्य सेवाओं की बिगड़ती तस्वीर
रतनपुर अस्पताल की यह घटना न केवल व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं आज भी कितनी कमजोर हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक अस्पताल की अव्यवस्था पर लगाम लगाई जा सकेगी।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment