रायपुर। राजधानी के 30 राशन दुकान संचालकों ने तकरीबन सात हजार क्विंटल चावल कार्डधारियों को देने के बजाय बाजार में बेच दिया। खाद्य विभाग ने एक और दुकान संचालकों से चावल की वसूली के लिए आरआरसी जारी की है, दूसरी और उन्हें राशन वितरण का कमीशन दो माह से मिल रहा था। इस तरह इन 30 दुकान संचालकों के खाते में नागरिक आपूर्ति निगम ने 25 लाख रुपये से ज्यादा कमीशन बांट दिया। मामले में खाद्य नियंत्रक ने भूपेंद्र मिश्रा ने नागरिक अपूर्ति निगम को पत्र लिखकर सभी के कमीशन वितरण पर रोक लगा दी है। अब उनके कमीशन की राशि की भी जब्ती की जाएगी। बता दें की दुकान संचालकों ने बड़ी मनमानी करते हुए कार्डधारियों को बांटने वाले चावल को बेच कर लाखों रुपये का गबन कर लिया है।
नोटिस की कापी जाती है नान को
जिले की जिन राशन दुकानों में खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी पाई जाती जाती है, उस दुकान को नोटिस जारी कर नान को भी एक कापी भेजी जाती है, ताकि कमीशन वितरण रोका जा सके। बता दें कि, नियमों के मुताबिक एक क्विंटल एपीएल में भी 30 रुपये, सीजी फूड सिक्योरिटी एक्ट सीजीएफएस में 30 रुपये और नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट एनएफएस में 70 रूपये कमीशन शासन के द्वारा प्रदान किया जाता है।
सात दुकान संचालकों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश
दुकानों में शार्टेज चवाल, शक्कर और एफआइआर दर्ज करने का आदेश जारी किया हैं। इन संचालकों को तीन बार नोटिस के बाद आरआरसी जारी हो चुकी हैं। इसके बाद भी संचालकों ने कम हुए चावल के बदले राशि जमा नहीं की है। कलेक्टर ने ऐसे दुकान संचालको के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्देश के बाद विभाग ने जांच में तकरीबन सात हजार क्विंटल चावल माइनस पाया था। कुछ दुकानों पर बीपीएल कार्डधारकों को एपीएल कोटे का चावल-बांट दिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सभी दुकानों को आखिरी मौका देते हुए नोटिस जारी किया था।
Author: Deepak Mittal









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