
आरंग : किसानों की समस्याओं से किसी भी जनप्रतिनिधियों को कोई लेना देना नहीं है। यही कारण है कि किसान अपनी समस्याओं के लिए जीवन भर सरकार से गुहार लगाते रहते है।
आरंग पालिका क्षेत्र में किसानों को खेती किसानी के लिए विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को खेतो में जाने के लिए सुगम रास्ता नहीं है। खेत आने जाने के रास्ते में अवैध कब्जा का भरमार हो गया है। आज वोट की राजनीति में इस समस्या का हल किसी के पास नहीं हैं।
फोरलेन निर्माण के पूर्व किसान कैसे भी करके अपने खेत पहुंच जाया करते थे। आज फोरलेन बनने के बाद किसानों को खेती किसानी करने में परेशानी ही परेशानी हो रही है।
फोरलेन के नीचे एक छोटा सा नाला भी है। इस नाला में आरंग शहर के गंदा पानी का भी बहाव है।इस नाला के कारण किसानों को खेत से फसल लाने में लंबी दूरी की यात्रा करना पड़ता है।
इस समस्या के निराकरण के लिए किसान नेता छबीलो सोनवानी ने किसानों के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में बताया जा रहा है कि फोरलेन के नीचे छोटा नाला में दो तीन स्थानों में पुल पुलिया का निर्माण किया गया तो किसानों को खेती किसानी में सुविधा होगी। पुल पुलिया निर्माण हेतु किसानों का हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन क्षेत्र के विधायक , सांसद, पालिका अध्यक्ष को दिया जाएगा।
छोटा नाला में पुल पुलिया निर्माण से कम रकबा वाले छोटे छोटे किसानों लाभान्वित होंगे। ज्ञात हो कि इस समस्या के निराकरण के लिए भी क्षेत्र के पूर्व विधायक व मंत्री को भी ज्ञापन दिया गया था। ज्ञापन पर फाइल आगे जरूर बढ़ गया था। इसी बीच विधान सभा चुनाव आ गया और प्रदेश में सरकार चली गई।इस समस्या का फाइल आगे ही नहीं बढ़ सका।
किसान नेता छबीलो सोनवानी ने बताया कि छोटा नाला में दो तीन स्थानों में पुल पुलिया निर्माण कम बजट में किया जाना संभव है।इस हेतु नए सिरे से पुनः प्रयास किया जा रहा है। समस्या का निराकरण नहीं होने पर किसानों के द्वारा धरना प्रदर्शन के साथ आगामी नगरपालिका चुनाव में किसानों की भूमिका पर भी विचार किया जाएगा।
संकलनकर्ता – रोशन चंद्राकर
Author: Deepak Mittal









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