
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है और कुछ स्कूल एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। इन परिस्थितियों में डीएड-बीएड प्रशिक्षित संघ (CG D-ed B-ed Degree Holder Protest) ने शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन का रास्ता अपना लिया है।
शिक्षक भर्ती के लिए लंबे समय से इंतजार
छत्तीसगढ़ में डीएड और बीएड प्रशिक्षित युवा लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं और अब उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ये युवा सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर अपनी मांगें उठा रहे हैं और लगातार X पर पोस्ट कर सरकार को उनके वादे याद दिला रहे हैं।
बीजेपी सरकार का वादा और यथार्थ
जब विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी की सरकार बनी थी, तो विभिन्न विभागों में भर्ती की मांग जोर पकड़ रही थी। पूर्व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने 33 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी शिक्षकों के सभी रिक्त पदों पर भर्ती की आवश्यकता जताई थी।
डीएड-बीएड प्रशिक्षित संघ की मांग
डीएड-बीएड प्रशिक्षित संघ के प्रदेश सचिव ललित साहू ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था, लेकिन इस पर अभी तक अमल नहीं हुआ है। अगर सरकार शीघ्र ही 33 हजार शिक्षकों की भर्ती पर कोई निर्णय नहीं लेती है, तो संघ बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहा है।
15 अगस्त के बाद बड़ा आंदोलन
ललित साहू ने कहा कि 15 अगस्त 2024 तक संघ सरकार के निर्णय और आदेश का इंतजार करेगा। इसके बाद प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा और इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
डीएड-बीएड प्रशिक्षितों की दो मुख्य मांगें
डीएड-बीएड प्रशिक्षित संघ की दो सूत्रीय मांगें हैं। पहली मांग शिक्षा मंत्री की घोषणा के अनुसार 33 हजार शिक्षकों की भर्ती है और दूसरी मांग आरक्षित वर्ग को 5 प्रतिशत छूट दी जाए। प्रशिक्षित संघ हर माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है।
Author: Deepak Mittal










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