
बिलासपुर। बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक भतीजे ने पिता के साथ मिलकर अपने सगे चाचा से करीब दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर दी। पुलिस ने मामले में फरार भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसके पिता की तलाश जारी है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के आरोपी नवीन बजाज को सिविल पुलिस ने झारसुगुड़ा से घेराबंदी कर पकड़ा। सिंधी कॉलोनी बलराम टॉकीज के पास रहने वाले परसराम बजाज पिता स्वर्गीय दौलत राम बजाज और उसका बड़ा भाई रमेश कुमार बजाज ने मिलकर दो फर्म खोली थीं।
इनमें से एक नयन फैशन को रमेश कुमार बजाज और उसका बेटा नवीन बजाज मिलकर चलाते थे। उनके द्वारा महाराष्ट्र बैंक से एक करोड़ और इंडियन ओवरसीज बैंक से 70 लाख क्रेडिट लिमिट से रुपये लिए गए थे। इस दौरान आरोपी ने परसराम बजाज और विजय बजाज के फर्जी हस्ताक्षर किए।
इसी तरह नयन फैशन के नाम पर अन्य कंपनियों से भी रुपये लिए गए। यहां तक कि बैंक में रुपये जमा करने की बात कहकर 18 लाख रुपये परसराम बजाज से ले लिए गए और बैंक की फर्जी जमा पर्ची थमा दी गई। जब परसराम बजाज को इस धोखाधड़ी की जानकारी मिली.
तो उन्होंने अपनी मौसी के माध्यम से पैसे लौटाने की कोशिश की। उन्होंने लिखित में वादा किया कि वे कुछ दिनों में दो करोड़ रुपये वापस कर देंगे और इसके लिए दो चेक भी दिए। लेकिन जब चेक बैंक में लगाए गए तो उनमें पैसे नहीं थे।
इस पर परसराम बजाज ने सिविल लाइन थाने में दो करोड़ की धोखाधड़ी की सूचना दी। पुलिस ने इस धोखाधड़ी की घटना को अंजाम देने वाले फरार पिता-पुत्र की तलाश शुरू की और गुरुवार को नवीन बजाज को झारसुगुड़ा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिता की तलाश अभी भी जारी है।
Author: Deepak Mittal









