रायपुर. पूर्व मंत्री और विधायक राजेश मूणत ने शराब घोटाले से जुड़े नकली होलोग्राम की जब्ती के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आए बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि बघेल की ज्ञानेंद्रिय अब जाकर हरकत में आई है, जब ACB और EOW ने धनेली गाँव में छापा मारकर शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर के खेत की खुदाई करके वहाँ से सैकड़ों अधजले नकली होलोग्राम का जखीरा जब्त किया. विधायक मूणत ने कहा कि घोटाले के गिरफ्तार आरोपियों द्वारा पूछताछ के दौरान नकली होलोग्राम का सच स्वीकार करने के बाद भी भूपेश बघेल इस मामले में फिर मिथ्या प्रलाप करके रोज नया प्रपंच फैलाते हुए जरा भी शर्म महसूस नहीं कर रहे हैं.
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मूणत ने कहा कि शराब घोटाले के मामले में बघेल द्वारा रचे जा रहे राजनीतिक प्रपंच की उम्र ज्यादा लंबी नहीं है. देर-सबेर इस मामले का पूरा सच सामने आएगा और फिर दोषी चाहे कोई भी हो, उसकी जगह जेल की सलाखों के पीछे होगी. बघेल यह बात अच्छी तरह समझ रहे हैं कि जाँच की आँच में देर-सबेर उनका राजनीतिक वजूद झुलसने वाला है, यही डर बघेल को बेचैन कर रहा है, उनसे मिथ्या प्रलाप करा रहा है. मूणत ने सवाल किया कि आखिर नकली होलोग्राम मामले में बघेल की जुबान तब क्यों चली, जब ढेबर के खेत से नकली होलोग्राम का जखीरा पकड़ाया और साक्ष्य मिटाने के आरोप में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई? बघेल होलोग्राम बनाने वाली फैक्ट्री को फर्स्ट बेनिफिशियरी बताकर आखिर अपने धत्कर्म पर कब तक पर्दा डालने की नाकाम कोशिश करते रहेंगे? फैक्ट्री मालिक गुजरात का होना इस पूरे मामले उतना मायने नहीं रखता, जितना यह मायने रखता है कि उस कम्पनी को प्रक्रिया का उल्लंघन करके होलोग्राम बनाने का टेंडर किसके शासनकाल में देकर नकली होलोग्राम बनवाए गए और फिर उसे छत्तीसगढ़ में शराब के गोरखधंधे में इस्तेमाल किया गया? बघेल को अब यह कैसे पता चला कि फैक्ट्री मालिक गुजरात का है? क्या बघेल बाकी का प्रलाप छोड़कर प्रदेश को इन सवालों का जवाब देने का माद्दा रखते हैं?


Author: Deepak Mittal









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