दीपक मित्तल नवभारत टाइम्स 24 x7in प्रधान संपादक छत्तीसगढ़
बालोद,
देश में 01 जुलाई 2024 से प्रभावशील हो रहे तीन नये कानून के संबंध में आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला में कानून के उद्देश्य इसके नवीन प्रावधानों आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री एसआर भगत, एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी द्वारा देश में 01 जुलाई से लागू हो रहे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के उद्देश्य तीनों नए कानूनों की मूल भावना इसके महत्वपूर्ण नवीन प्रावधानों आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी एवं पुलिस अधिकारियों के अलावा कार्यलय प्रमुख एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने आगामी 01 जुलाई से देश मंे लागू होने जा रहे तीनों नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हमारे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को इन तीनों नए कानूनों की भलि-भाँति ज्ञान होनी चाहिए। जिससे कि वे आम जनता को इसकी समुचित जानकारी प्रदान कर सके। श्री चन्द्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को आज इस कार्यशाला के माध्यम से जिला स्तरीय अधिकारियों को 01 जुलाई से लागू होने जा रहे तीनों नए कानून के संबंध में जानकारी प्रदान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि इस कार्यशाला के माध्यम से हमारे जिला स्तरीय अधिकारी तीनों नए कानूनों के प्रावधानों से लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री एसआर भगत ने तीनों नए कानूनों के प्रावधानों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम सभी अधिकारी-कर्मचारियों को देश में 01 जुलाई से लागू होने जा रहे तीनों महत्वपूर्ण कानूनों का ज्ञान होना चाहिए। जिससे कि आम जनता तक इन तीनों नए कानूनों की समुचित जानकारी पहुँच सके। इस अवसर पर एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी ने 01 जुलाई से लागू होने जा रहे तीनों नए कानूनों की उद्देश्य, अवधारणा एवं इसके महत्व तथा नवीन प्रावधानों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उन्होंने इन तीनों कानूनों की मूल भावना की जानकारी देते हुए कहा कि अंग्रेजी शासन काल में लागू हमारे देश के बहुत से कानून का निर्माण केवल दण्ड देने के उद्देश्य से किया गया था। उनका उद्देश्य नागरिकों को न्याय देना नही था। श्री जोशी ने नए कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत नागरिकों के मानवाधिकार एवं महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने, जटिल प्रक्रियाओं की सरलीकरण से आपराधिक न्याय प्रणाली को सुगम एवं सुलभ बनाने, जेलों और सुधार गृह में भीड़ कम करने, प्रौद्योगिकी एवं फाॅरेंसिक जाँच की गुणवत्ता में सुधार लाने आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।


Author: Deepak Mittal










Total Users : 8164963
Total views : 8190773