नव भारत टाइम्स 24 x 7 के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:
छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकारी स्कूलों में भी अब पैरेंट्स मीटिंग आयोजित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने प्राइवेट स्कूलों के तर्ज पर सरकारी स्कूलों में पैरेंट्स मीटिंग आयोजित करने का फरमान जारी किया है।
यह इनोवेशन करने वाला छत्तीसगढ़ देश का चौथा राज्य बन जाएगा। इससे पहले गुजरात, महाराष्ट्र और हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पैरेंट्स मीटिंग आयोजित की जा रही हैं।
पिछली सरकार का प्रयास
इससे पहले भी छत्तीसगढ़ में कई बार सरकारी स्कूलों में पैरेंट्स मीटिंग करने पर विचार किया गया था। भूपेश बघेल की पिछली सरकार के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग ने भी सरकारी स्कूलों में पैरेंट्स मीटिंग शुरू करने का प्रयास किया था, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका। अब, विष्णुदेव साय सरकार ने इसे अमल में लाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कलेक्टरों को पत्र लिखकर पहली पैरेंट्स मीटिंग की तारीख भी तय कर दी है। पहली मीटिंग 9 अगस्त को आयोजित की जाएगी।
पैरेंट्स मीटिंग के फायदे
परदेशी ने कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि पैरेंट्स मीटिंग में कोई कोताही न बरती जाए। उन्होंने पैरेंट्स मीटिंग के कई फायदे भी बताए हैं। जैसे कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पालकों और स्कूलों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। बच्चों की संपूर्ण गतिविधियों से पालकों को अवगत कराने से उन्हें बेहतर मार्गदर्शन और प्रेरणा मिल सकती है।
तनाव मुक्त बच्चों के लिए
शिक्षकों और पालकों के संयुक्त प्रयास से बच्चों की पढ़ाई के प्रति सकारात्मक वातावरण बनेगा। बच्चों की काउंसलिंग से उन्हें परीक्षा का तनाव नहीं रहेगा और स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति को रोकने में पालकों की भूमिका सुनिश्चित की जा सकेगी।




Author: Deepak Mittal









Total Users : 8169821
Total views : 8197909