कौन है यह महिला जिनको सब ड्रोन दीदी के  नाम से पुकारते हैं..

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Deepak Mittal

राजनांदगांव से राजा शर्मा 

खैरागढ़ :  जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाली महिला की कहानी बताने जा रहे हैं जो अब ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती है और जिले में महिला सशक्तिकरण और आधुनिक कृषि के क्षेत्र में रोल मॉडल बन चुकी है.
नारी सशक्तिकरण और कृषि के आधुनिकरण को लेकर किसानों और महिलाओं को सशक्त करने के लिए शासन प्रशासन द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जाता है.
इसी क्रम में खैरागढ़ जिला जो की कृषि प्रधान जिला होने के चलते यहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि पर निर्भर है , ऐसे में नारी सशक्तिकरण और आधुनिक खेती  को लेकर रोल मॉडल बन चुकी सावित्री साहू।

खैरागढ़ ब्लॉक के ग्राम मुकुंद खपरी की रहने वाली विहान समूह की सदस्य सावित्री साहू जो पूरे जिले में ड्रोन दीदी के नाम से भी जानी जाती है जिले की एक मात्र ऐसी महिला है जो ड्रोन से आधुनिक खेती करती है.


खेती में अपने परिवार का हाथ बटाने के साथ साथ ही ड्रोन से उनका खेती का काम आसान हो गया है, ड्रोन से समय की बचत के साथ साथ ही पानी और दवाइयों की मात्रा भी कम लगती है साथ ही ड्रोन के आने से उन्हें ज्यादा मजदूरों की आवश्यकता भी अब खेती में नही पड़ती.


वही दूसरी ओर इस ड्रोन से अब सावित्री साहू रोजाना  2 से 3 हजार कमाती भी है ऐसे में कही न कही नारी सशक्तिकरण की ओर भी यह एक सकारात्मक पहल है.
केंद्र सरकार की नमो ड्रोन दीदी योजना से ड्रोन मिलने और इसके उपयोग से खेती के काम को आसान और साथ ही आर्थिक लाभ कमाने से अब सावित्री काफी खुश हैं.

वही सावित्री के पति प्रेम चंद साहू बताते हैं कि उनका पिछले दो साल से यह सपना था की खेती के काम को आसान करने के लिए ड्रोन लेना है परंतु इसकी कीमत बहुत ज्यादा होने के कारण नही ले पा रहे थे जिसके बाद उन्हें शासन की योजना के तहत ड्रोन खरीदने पर सब्सिडी मिली.

वही जिला प्रशासन भी अब ड्रोन दीदी योजना के पहले चरण में जिले की सावित्री साहू को ड्रोन मिलने और उससे उनके द्वारा किए जा रहे कृषि कार्य के साथ साथ ही आर्थिक सुदृढता को देखते हुए आने वाले दिनों में और भी जिले वासियों को इस योजना के तहत लाभ दिलाने और कृषि के आधुनिकरण की ओर पहल करने की बात कर रहा है,एडीएम प्रेम कुमार पटेल ने कहा की सावित्री साहू महिला समूह से जुड़ी हुई एक्टिव महिला है जिन्हें केंद्र सरकार की ड्रोन योजना के तहत पहले चरण में लाभ प्राप्त हुआ है ड्रोन चलने को लेकर ग्वालियर में उनका 15 दिन का प्रशिक्षण भी हुआ है. ड्रोन की मदद से एक एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव मात्र 10 मिनट में हो जाता है  जिसे हाथ से करने में दो घंटे से ज्यादा का समय लगता है.


जिले के लिए गर्व की बात है की गांव की एक महिला आधुनिक तरीके से कृषि कर रही है जो उपकरण  अभी बड़े बड़े किसानों के पास नही है वो उन्हें मिला है जिला प्रशासन आने वाले दिनों में और भी जो महिला समूह की सदस्य हैं उन्हें इस योजना से लाभ पहुंचाने की कोशिश करेगा जिससे कृषि के आधुनिकरण के साथ-साथ ही महिला सशक्तिकरण को भी बल मिल सके.

जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली महिला सावित्री  साहू अब महिला सशक्तिकरण और आधुनिक कृषि के क्षेत्र में रोल मॉडल बन चुकी है.


शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अगर ऐसे ही समाज के अंतिम छोर तक हो तब ही विकसित भारत के साथ साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना भी पूरी हो पाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी..

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Author: Deepak Mittal

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