कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा स्निफर डॉग ‘बाघा’ ने चंद मिनटों में कर दिया। पत्नी से बातचीत और हंसी-मजाक को लेकर उपजे शक ने एक शख्स को इस कदर अंधा कर दिया कि उसने अपने ही पड़ोसी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी।
यह दिल दहला देने वाली घटना करतला थाना क्षेत्र के ग्राम गनियारी की है, जहां सोमवार सुबह गांव में खून से सना शव मिलने से हड़कंप मच गया।
खून से सना शव देख दहशत में आया गांव
मृतक की पहचान नंदकुमार पटेल (39 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पत्नी और दो बच्चों के साथ गांव में रहता था। ग्रामीणों ने उसका शव उसके घर से कुछ दूरी पर पड़ोसी जयकंवर के घर के पास बाड़ी में पड़ा देखा। नंदकुमार के सिर और चेहरे पर गहरे जख्म थे, जो बेरहमी से की गई हत्या की कहानी बयां कर रहे थे।
पुलिस मौके पर, डॉग स्क्वायड की एंट्री
घटना की सूचना मिलते ही करतला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।
यहीं से केस ने अचानक करवट ली।
स्निफर डॉग ‘बाघा’ बना कातिल की मुसीबत
जैसे ही स्निफर डॉग ‘बाघा’ को घटनास्थल पर छोड़ा गया, वह सीधे पड़ोसी जयकंवर के घर पहुंच गया। बाघा के इस संकेत ने पुलिस का शक पुख्ता कर दिया। जयकंवर को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पत्नी से बातचीत बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि नंदकुमार का जयकंवर के घर आना-जाना था और वह उसकी पत्नी से बातचीत और हंसी-मजाक करता था। रविवार रात जब जयकंवर ने यह सब अपनी आंखों से देखा, तो वह आपा खो बैठा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।
बाड़ी में ले जाकर किया बेरहमी से कत्ल
आरोपी जयकंवर नंदकुमार को घर के पास स्थित बाड़ी में ले गया, जहां पहले उसकी पिटाई की और फिर कुल्हाड़ी से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोटों के चलते नंदकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शव वहीं छोड़कर घर चला गया।
पुलिस का बयान
कोरबा जिले के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
शक, गुस्सा और अंधविश्वास बना जानलेवा
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि शक और गुस्से में लिया गया फैसला कैसे एक परिवार को उजाड़ देता है। वहीं, स्निफर डॉग बाघा की मुस्तैदी ने साबित कर दिया कि अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून से बच नहीं सकता।
Author: Deepak Mittal









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