भोरमदेव साहित्य सृजन मंच के बैनर तले वृंदावन हाल रायपुर में भब्य “सवनाही जोहार” कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें साहित्यकारों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

सवनाही जोहार कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘नवा पीढ़ी बर चंदैनी गोंदा’ रखा गया था जिसमें माई पहुना के रूप में चंदैनी गोंदा के मुख्य उदघोषक डाँ. सुरेश देशमुख जी थे जिन्होंने तात्कालीन समय के दाऊ रामचंद्र देशमुख की चंदैनी गोंदा की परिकल्पना,स्थापना १९७१ और विसर्जन १९८३ तक का मार्मिक चित्रण करते हुए चंदैनी गोंदा के कला संगीत पक्ष पर श्रद्धेय स्व श्री खुमान लाल साव जी की संगीत बद्धता के प्रति लोक कला मंच एवं सांस्कृतिक जागरण चंदैनी गोंदा से जुड़े कवियों एवं साहित्यकारों के चुनिंदा गीतों का चयन एवं भावप्रवण रचना का प्रयोग एवं ऐसे-ऐसे संस्मरण घंटों तक सुनाये कि बस सुनते ही रहने का मन करता था।
पगरइत पहुना श्री सीताराम साहू श्याम जी ने कला साहित्य के चिन्तक श्रद्धेय स्व श्री दाऊ रामचंद्र देशमुख जी जीवनी से जुड़े पहलुओं एवं श्रद्धेय स्व श्री खुमान लाल साव जी व्यक्तित्व एवं कृतित्व के ऊपर विचार रखे एवं अपनी सुमधुर वाणी से ऐसा शमा बाँधा था जिसकी खुमारी अंतिम समय तक बनी रही। छंद गुरु अरुण कुमार निगम जी की सारगर्भित उद्बोधन ने सबको भावविभोर कर दिया।
चंदैनी गोंदा क्या था और नवा पीढ़ी के लिए ये कितना महत्वपूर्ण हो सकता है इस पर प्रकाश डालते हुए इसे समझने जानने के लिए दो-तीन दिन तक सेमीनार आयोजित करने पर बल दिया। श्रीमती कविता वासनिक और डाँ.शैलजा ठाकुर ने चंदैनी गोंदा की अपनी-अपनी संस्मरण सुनाते हुए पता ले जा रे गाड़ी वाला और हर चांदी हर चांदी गीत सुनाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया।

रामेश्वर शर्मा जी ने एक कविता सुनाकर मन मोह लिया वहीं अन्य कवि, साहित्यकारों ने अलग-अलग विषय पर कविता सुनाकर कार्यक्रम में छटा बिखेरी। कार्यक्रम का सफल और दमदार संचालन जयकांत पटेल ने किया वहीं आभार प्रदर्शन राजकुमार मसखरे जी ने अपनी मसखरी अंदाज में किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से चिन्हारी के देवेंद्र देशमुख, प्रसिद्ध रंगकर्मी विजय मिश्रा, गीतकार शिवकुमार अंगारे पूर्व अध्यक्ष गीतकार मिनेश साहू, वर्तमान अध्यक्ष कुंज बिहारी साहू, उपाध्यक्ष घनश्याम दास कुर्रे, कोषाध्यक्ष रिखी राम धुर्वे, घनश्याम सोनी,रामकुमार साहू,हेमसिंग साहू, आनंद मरकाम,शिव कुमार साहू,ज्ञानु मानिकपुरी,लक्षू यादव,संजू उइके,दिलीप पुडेटी, तुलेश्वर सेन, चिंताराम ध्रुवे, टीकाराम देशमुख, हेमराज सिन्हा, राज नारायण श्रीवास्तव,गायत्री श्रीवास,वर्षा गुप्ता, ईश्वर साहू, ईश्वर बंधी, सहित बहुत से साहित्यकार शामिल थे। उक्त जानकारी मीडिया को साहित्यकार गंडई डाँ.कमलेश प्रसाद शर्मा बाबू ने दी है।
Author: Deepak Mittal









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