मेरठ: करोड़ों रुपये के जीएसटी फ्रॉड का खुलासा करते हुए मेरठ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने फर्जी फर्मों के जरिए सरकारी राजस्व को करीब 7 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में पंजाब के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में करीब 69 करोड़ 99 लाख रुपये के फर्जी लेन-देन का मामला सामने आया है।
सीओ सुचिता सिंह ने बताया कि मामला थाना बहसूमा में दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी कंपनियां बनाकर लगभग 7 करोड़ रुपये का जीएसटी फ्रॉड किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरदीप सिंह और धर्मेंद्र कुमार, दोनों निवासी फतेहगढ़ साहिब (पंजाब) के रूप में हुई है। उन्हें 19 फरवरी 2026 को मंडी गोविंदगढ़ के अमलोह रोड स्थित कार्यालय से मुखबिर की सूचना और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पकड़ा गया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने बिना वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के फर्जी बिल जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल किया। फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए कंपनियां बनाई गईं। जीएसटी रिटर्न में कम बिक्री दिखाकर टैक्स देनदारी घटाई गई। गलत एचएसएन कोड का इस्तेमाल, फर्जी ई-वे बिल तैयार करना और कागजों में निर्यात दर्शाकर जीएसटी रिफंड लेना भी सामने आया है। इसके अलावा कंपनियों के बीच सर्कुलर ट्रेडिंग कर केवल कागजी लेन-देन दिखाया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो लैपटॉप और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क से जुड़ी अन्य फर्मों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
सीओ सुचिता सिंह ने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Author: Deepak Mittal










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