Government : भारी बारिश के बीच केन्द्र सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग को दी राहत, ये चीजें हो जाएगी सस्ती

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Government News:नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने जीएसटी की अगली पीढ़ी की सुधार के तहत मुख्य स्लैबों की संख्या चार घटकर दो करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी और आम लोगों के इस्तेमाल की अधिकतर वस्तुओं को पांच प्रतिशत के स्लैब में रखने का फैसला किया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिषद की 56 वीं बैठक के बाद बताया कि अब दो मुख्य स्लैब पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत के होंगे। इसके अलावा कुछ वस्तुओं पर शून्य कर और कुछ पर 40 प्रतिशत कर भी होंगे। ये कर सुधार 22 सितंबर से लागू हो जायेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में कर स्लैब और दरों को युक्तिसंगत बनाने के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिये गये।

नयी व्यवस्था में अल्ट्रा हाई टेंपरेचर दूध, छेना, पनीर, चपाती रोटी पराठा आदि पर कोई कर नहीं लगेगा। तैंतीस जीवन रक्षक दवाओं को भी कर मुक्त रखा गया है। सभी देशी रोटियों (चपाती, पराठा, रोटी आदि) पर जीएसटी दर शून्य होगी।

तैंतीस जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर दीर्घकालिक रोगों के उपचार में प्रयुक्त तीन जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी पांच प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। अन्य दवाओं पर पांच प्रतिशत कर लगेगा। व्यक्तिगत जीवन बीमा और व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पर भी कोई कर नहीं होगा।

जिन वस्तुओं पर क्षतिपूर्ति उपकर लग रहा है उन पर करों की दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि राज्यों को क्षतिपूर्ति के पूरे भुगतान के बाद उनकी दरों में बदलाव का अधिकार वित्त मंत्री को होगा और इसके लिए दोबारा परिषद की बैठक बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी।
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 के आधार पर गणना करें तो इस बदलाव से करीब 48,000 करोड़ रुपये के जीएसटी राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि ये फैसले आम आदमी को ध्यान में रखकर लिये गये हैं। इन बदलावों से श्रम साध्य क्षेत्रों, किसानों तथा कृषि क्षेत्र और स्वास्थ्य क्षेत्र को ज्यादा फायदा होगा।

हेयर आॅयल, साबुन, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामानों, पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, मक्खन, घी आदि जैसे लगभग सभी खाद्य पदार्थों पर जीएसटी घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।कृषि उपकरणों और संबंधित सभी वस्तुओं पर पांच प्रतिशत की दर से कर लगेगा। सल्फ्यूरिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल और अमोनिया पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है जिससे किसानों को फायदा होगा।चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, दंत चिकित्सा या पशु चिकित्सा या भौतिक या रासायनिक विश्लेषण के लिए उपयोग किये जाने वाले विभिन्न चिकित्सा उपकरणों और उपकरणों पर भी अब 18 की जगह पांच प्रतिशत कर होगा।

वैडिंग गॉज, पट्टियां, डायग्नोस्टिक किट और अभिकर्मक, रक्त शर्करा निगरानी प्रणाली (ग्लूकोमीटर), चिकित्सा उपकरण आदि पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।

मानव निर्मित रेशे पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत और मानव निर्मित धागे पर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत जीएसटी किया गया है।
हस्तशिल्प, संगमरमर और ट्रैवर्टीन ब्लॉक, ग्रेनाइट ब्लॉक और मध्यवर्ती चमड़े के सामान जैसी श्रम-प्रधान वस्तुओं पर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत जीएसटी किया गया है।

नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों और उनके निर्माण के पुर्जों पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी की गयी है।प्रति इकाई 7,500 रुपये प्रतिदिन या उसके बराबर मूल्य वाली “होटल आवास” सेवाओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर प्रतिशत किया गया है।

आम आदमी द्वारा उपयोग की जाने वाली सौंदर्य और शारीरिक स्वास्थ्य सेवाओं जैसे जिम, सैलून, नाई, योग केंद्र आदि पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है।

एयर कंडीशनिंग मशीनों, 32 इंच के टीवी (सभी टीवी पर अब 18 प्रतिशत कर), डिशवॉशिंग मशीनों, छोटी कारों, 350 सीसी या उससे कम क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है।
छोटी कारों और 350 सीसी या उससे कम क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। बसों, ट्रकों, एम्बुलेंस आदि पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। तिपहिया वाहन पर 28 प्रतिशत से कर घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। सभी आॅटो पार्ट्स पर 18 प्रतिशत की एक समान दर लागू की गई है।

पान मसाला, जर्दा, गुटखा, तंबाकू, सिगार, सिगरेट, बीड़ी तथा दूसरे तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत की दर जारी रहेगी। एडेड शुगर या दूसरे स्वीटनर या फ्लेवर मिश्रित उत्पादों और कैफीनेटेड पेय को भी 40 प्रतिशत से स्लैब में रखा गया है। व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए विमान सेवा, 350 सीसी से अधिक के दुपहिया वाहन, 1,200 सीसी से अधिक की पेट्रोल कारें और 1,500 सीसी से अधिक की डीजल कारों पर भी 40 प्रतिशत कर लगेगा।

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