पनीर-खोया सहित मिलावटी उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। राज्य में ऐसे अमानकीकृत डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध खाद्य उत्पाद, जो वास्तविक दूध या दूध से बने उत्पाद होने का भ्रम पैदा करते हैं, उनके निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है।

आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध खास तौर पर पनीर, क्रीम, मख्खन या अन्य दुग्ध उत्पाद जैसे दिखने वाले गैर-दुग्ध उत्पादों पर लागू होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को वास्तविक दुग्ध उत्पाद का भ्रम देने वाले ऐसे उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह प्रतिबंध फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे मानकीकृत उत्पादों को छोड़कर अन्य विशेष रूप से चिन्हित गैर-मानकीकृत खाद्य उत्पादों पर लागू होगा।
आदेश में तीन प्रमुख श्रेणियों के उत्पादों पर रोक का उल्लेख किया गया है—
ऐसे उत्पाद जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद नहीं हैं।
ऐसे उत्पाद जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल या अन्य गैर-दुग्ध घटकों का इस्तेमाल किया गया है।
ऐसे उत्पाद जिनकी लेबलिंग, पैकेजिंग, प्रस्तुति या बिक्री का तरीका उपभोक्ता को भ्रमित करता है।
यह प्रतिबंध राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी होगा और एक वर्ष की अवधि तक, अथवा FSSAI द्वारा इस संबंध में अंतिम नियामकीय मानक/विनियम अधिसूचित किए जाने या खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा पूर्व आदेश को निरस्त, संशोधित अथवा प्रतिस्थापित किए जाने तक—जो भी पहले हो—प्रभावी रहेगा।
साथ ही, खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जारी विस्तृत प्रतिबंधात्मक आदेश का पालन राज्य के सभी संबंधित प्राधिकरणों और खाद्य कारोबार संचालकों को करना होगा।
Author: Deepak Mittal









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