मुंबई: केंद्रीय बजट 2026-27 के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती गिरावट से उबरते हुए मजबूती दिखाई। मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू बाजार लाल निशान में खुला, लेकिन कुछ ही मिनटों में जोरदार रिकवरी के साथ हरे निशान में पहुंच गया।
बीएसई सेंसेक्स 167.26 अंक या 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,555.68 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी50 28.95 अंक या 0.12 प्रतिशत टूटकर 24,796.50 पर खुला। हालांकि, शुरुआती कारोबार के कुछ ही देर बाद बाजार में खरीदारी लौटी और सूचकांक तेजी के साथ ऊपर चढ़ गए।
खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 9.34 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 331.67 अंक या 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,054.61 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी50 72.80 अंक या 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,898.25 पर पहुंच गया।
विस्तृत बाजार की बात करें तो शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.30 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस को छोड़कर अन्य अधिकांश सेक्टर लाल निशान में बने रहे।
सेंसेक्स पैक में एनटीपीसी, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, टाइटन और ट्रेंट टॉप लूजर्स में शामिल रहे, जिनमें 1.79 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं लार्सन एंड टुब्रो, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और इंडिगो टॉप गेनर्स रहे, जिनमें 2.5 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई।
गौरतलब है कि रविवार 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफ एंड ओ) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाने की घोषणा की थी। इसके तहत फ्यूचर्स पर एसटीटी को 0.05 प्रतिशत और ऑप्शंस प्रीमियम पर एसटीटी को 0.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस घोषणा के बाद पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। सेंसेक्स करीब 3,000 अंकों तक टूटकर 79,899.42 के निचले स्तर तक पहुंच गया था, जबकि निफ्टी50 फिसलकर 24,572 तक आ गया था।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, निफ्टी ने पिछले सत्र में एक मजबूत बेयरिश कैंडल बनाई है और 200-डे ईएमए से नीचे बंद हुआ है, जो कमजोरी का संकेत देता है। फिलहाल 24,950 से 25,000 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस और 24,650 से 24,700 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। आरएसआई 31 पर आ गया है, जो ओवरसोल्ड स्थिति दर्शाता है। वहीं इंडिया वीआईएक्स में 10.73 प्रतिशत की तेजी के साथ यह 15.09 पर पहुंच गया, जिससे बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता साफ झलकती है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती वोलैटिलिटी के बीच निवेशकों को फिलहाल सतर्क और चुनिंदा रणनीति अपनानी चाहिए। मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही फोकस करने और निफ्टी के 25,000 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद ही नई लॉन्ग पोजिशन बनाने की सलाह दी जा रही है।
Author: Deepak Mittal









