रायपुर साइबर रेंज के तहत ऑपरेशन “साइबर शील्ड” के अंतर्गत एक बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने म्यूल बैंक अकाउंट के लिए फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले 13 पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) एजेंटों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस ऑपरेशन में कुल 98 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपियों द्वारा जारी किए गए सिम कार्ड संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, नेपाल और म्यांमार में इस्तेमाल हो रहे थे। अपराध में संलिप्त 7,063 सिम कार्ड और 590 मोबाइल फोन की पहचान की गई है, जिन्हें निष्क्रिय करने की प्रक्रिया जारी है।
रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा के नेतृत्व में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। यह मामला थाना सिविल लाइन, रायपुर में अपराध क्रमांक 44/25 के तहत धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) बी एन एस में दर्ज किया गया था।
चार चरणों में जांच, फर्जी सिम बेचने वालों तक पहुंची पुलिस
1. प्रथम चरण – 68 म्यूल बैंक अकाउंट धारकों की गिरफ्तारी
2. द्वितीय चरण – 4 बैंक अधिकारियों की गिरफ्तारी
3. तृतीय चरण – 13 बैंक खाता संचालकों की गिरफ्तारी
4. चतुर्थ चरण – फर्जी सिम बेचने वाले 13 पीओएस एजेंट गिरफ्तार
गिरफ्तार अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे ई-केवाईसी और डी-केवाईसी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर फर्जी सिम एक्टिवेट करते थे:
ई-केवाईसी: नया सिम लेने या सिम पोर्ट कराने वाले ग्राहकों के डबल थंब स्कैन और आई ब्लिंक कर अतिरिक्त सिम एक्टिवेट किए जाते थे।
डी-केवाईसी: ग्राहकों के आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी का गलत तरीके से सत्यापन कर नए सिम चालू किए जाते थे।
इन फर्जी सिम कार्ड को म्यूल अकाउंट के ब्रोकरों, संवर्धकों और संचालकों को बेचा जाता था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची
1. कुलवंत सिंह छाबड़ा (राजनांदगांव)
2. खेमन साहू (राजनांदगांव)
3. अजय मोटघरे (डोंगरगढ़, राजनांदगांव)
4. ओम आर्य (मुंगेली)
5. चंद्रशेखर साहू (रायपुर)
6. पुरुषोत्तम देवांगन (दुर्ग)
7. रवि कुमार साहू (भिलाई, दुर्ग)
8. रोशन लाल देवांगन (दुर्ग)
9. के. शुभम सोनी (दुर्ग)
10. के. वंशी सोनी (दुर्ग)
11. त्रिभुवन सिंह (भिलाई)
12. अमर राज केशरी (भिलाई)
13. विक्की देवांगन (दुर्ग)
