नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी के संसद में दिए गए बयान को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष के नेता ने सेना का अपमान करने की कोई कोशिश नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई ऐसी बात सामने आती है जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छिपाना चाहती है, तो वह इसी तरह का हंगामा करती है।
बुधवार, 28 जनवरी को संसद का बजट सत्र शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे द्वारा लिखी एक किताब का हवाला दिया। राहुल गांधी ने किताब के एक अंश का उल्लेख करते हुए दावा किया कि चीन ने भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है।
राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और कहा कि एक अप्रकाशित और अविश्वसनीय किताब में लिखी बातों का हवाला नहीं दिया जा सकता। इसके बाद भाजपा सांसदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया, जिसके चलते राहुल गांधी अपना भाषण पूरा नहीं कर सके। कांग्रेस सांसदों ने भी विरोध में नारेबाजी की, जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम पर संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी ने सिर्फ पूर्व सेना प्रमुख की किताब का एक हिस्सा पढ़ा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य सेना का अपमान करना नहीं था। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि जब भी सरकार के लिए असहज करने वाली बातें सामने आती हैं, भाजपा इसी तरह का रवैया अपनाती है।
Author: Deepak Mittal









