पेपर लीक रोधी कानून में संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पेपर लीक कानून में अब सजा का प्रावधान और भी कठोर हो गया है। नए प्रावधान के अनुसार पेपर लीक के मामलों में फैसला तीन महीने के अंदर आएगा।
वहीं, दोषियों को 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक रोधी संशोधन विधेयक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को कहा था कि यह विधेयक पेपर लीक के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की एक कोशिश है।
यह विधेयक परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता बढ़ाएगा।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8242984
Total views : 8291879