Prediabetes Symptoms: प्री डायबिटीज के मरीज बिना दवा के ऐसे होंगे ठीक, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा

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Deepak Mittal

डायबिटीज के बढ़ते मामले से पूरी दुनिया में चिंता का माहौल है। देश में दिनों दिन डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज से पहले एक फेज आता है। जिसे प्रीडायबिटीज (What is Pre-Diabetes) कहा जाता है।

यह एक ऐसी कंडीशन होती है। जिसमें ब्लड शुगर का स्तर नॉर्मल से ज्यादा होता है। डायबिटीज के लिए यह काफी नहीं होता है। यह कंडीशन डायबिटीज होने का एक अहम रिस्क फैक्टर है। अगर समय रहते इसके लक्षण की पहचान कर लिया जाए और इलाज हो जाए तो डायबिटीज को रोका जा सकता है।

वहीं वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च में कहा है कि लाइफस्टाइल में सुधार कर डायबिटीज से मुक्ति पा सकते हैं। स्टडी करने वाली एक टीम ने कहा कि प्रीडायबिटिक लोगों के खून में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। ऐसे लोगों को खानपान में मीठे की मात्रा कम कम देना चाहिए। इसके अलावा खानपान में फाइबर, अनाज और सब्जियों को शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही नियमित व्यायाम करना चाहिए। इससे प्री डायबिटीज से बच सकते हैं।

जानिए किसे कहते हैं प्री डायबिटीज

स्टडी में 918 लोगों को शामिल किया गया था। सभी की उम्र 60 साल से अधिक थी। सभी लोगों में प्रीडायबिटिक के लक्षण पाए गए थे। 12 साल तक स्टडी के दौरान इनमें से सिर्फ 13 फीसदी लोगों को ही डायबिटीज हुआ था। इन लोगों ने लाइफस्टाइल में बदलाव कर डायबिटीज से मुक्त हो गए। प्री-डायबिटीज ऐसी डायबिटीज को कहा जाता है, जो टाइप-2 डायबिटीज से पहले होती है। लेकिन प्री-डायबिटीज के मरीजों में इसके लक्षण नजर नहीँ आते। इस तरह की डायबिटीज का मतलब है कि व्यक्ति को डायबिटीज तो है, लेकिन उसके ब्‍लड में ब्लड शुगर का स्तर इतना भी ज्यादा नहीं है कि टेस्‍ट के दौरान उसका पता लगाया जा सके।

किस उम्र में कितना होना चाहिए ब्लड शुगर लेवल

APM आयुर्वेद कॉलेज मुंबई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हेमंत पराडकर (Dr Hemant Paradkar), MD, का कहना है कि फास्टिंग ब्लड शुगर का नॉर्मल रेंज 80-100 के बीच माना जाता है। अगर यह 100 से 125 है तो इसे प्रीडायबिटीज माना जाता है। अगर यह 126 mg/dL से ज्यादा होता है, तो इसे डायबिटिक माना जाता है। हालांकि इसके लिए HBA1C टेस्ट के जरिए कन्फर्म किया जाता है। बता दें कि HbA1c टेस्ट में 3 महीने की डायबिटीज की रिपोर्ट आ जाती है। जिसमें यह तय होता है कि मरीज डायबिटीज का शिकार है या नहीं। वहीं 40 से 60 साल के उम्र के लोगों को प्री डायबिटीज के लक्षणों से हमेशा सावधान रहना चाहिए। HbA1c टेस्ट में अगर 5.7 फीसदी 6.4 फीसदी है तो प्री डायबिटिक के शिकार हो सकते हैं। इससे ज्यादा होने पर डायबिटीज से पीड़ित माना जाता है।

इन लक्षणों से करें पहचान

अचानक वजन बढ़ना

अगर आपका वजन अचानक बढ़ने लगे तो समझ जाएं कुछ गड़बड़ है। पेट और कमर के पास फैट बढ़ जाने पर एक बार डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। पेट के पास अचानक चर्बी बढ़ने से इंसुलिन प्रतिरोध की वजह से हो सकता है। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।

थकान और कमजोरी

अगर बिना ज्यादा काम किए थकान और कमजोरी महसूस हो रही है तो प्रीडायबिटीज के लक्षण हो सकते हैं। शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बनने की वजह से ऐसा हो सकता है। लिहाजा किसी भी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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Author: Deepak Mittal

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