गढ़ी अमृतपुरी घटना ने दिल्ली की राजनीति में बढ़ाया तापमान, पुलिस जांच के बीच आरोप–प्रत्यारोप तेज
नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के गढ़ी अमृतपुरी इलाके में क्रिसमस के दौरान हुई कथित बदसलूकी का मामला अब सीधे सियासी अखाड़े में बदल गया है। जहां आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से जोड़ते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार करते हुए AAP पर राजनीतिक स्वार्थ के लिए ईसाई समाज की भावनाओं से खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है।
AAP ने दर्ज कराई शिकायत, FIR और गिरफ्तारी की मांग
इस मामले को लेकर AAP के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज, विधायक संजीव झा और जनरल सेक्रेटरी आदिल अहमद खान अमर कॉलोनी थाने पहुंचे और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि 21 दिसंबर को गढ़ी मार्केट, अमृतपुरी में सैंटा क्लॉज के वेश में क्रिसमस मना रहे लोगों के साथ बदसलूकी की गई। महिलाओं और बच्चों की टोपियां खींची गईं, गालियां दी गईं और उन्हें डराया-धमकाया गया।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस को आरोपियों के नाम और वीडियो सबूत सौंप दिए गए हैं और तत्काल FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की गई है।
BJP का पलटवार: “ईसाई समाज को बनाया जा रहा राजनीतिक हथियार”
AAP की इस सक्रियता पर दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में ईसाई समाज की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई, बावजूद इसके AAP नेता जबरन मुद्दे को तूल देकर राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं।
भाजपा का कहना है कि यह सौरभ भारद्वाज की राजनीतिक हताशा का परिणाम है।
‘सौरभ भारद्वाज ईसाई समाज से माफी मांगें’
प्रवीण शंकर कपूर ने सौरभ भारद्वाज पर निशाना साधते हुए कहा,
“एक तरफ दिल्ली पुलिस ने ‘सैंटा क्लॉज’ को बेहोश दिखाकर ईसाई समाज की भावनाओं को आहत करने के मामले में भारद्वाज पर पहले ही FIR दर्ज की है, और दूसरी तरफ वे फिर एक व्यक्ति को सैंटा बनाकर थाने ले जाते हैं। यह कृत्य दोबारा ईसाई समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।”
उन्होंने मांग की कि भारद्वाज को इस पूरे घटनाक्रम के लिए ईसाई समाज से माफी मांगनी चाहिए।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें क्रिसमस मना रहे लोगों के साथ धक्का-मुक्की और बहस दिखाई दी थी। इसी वीडियो के आधार पर AAP नेताओं ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की, जबकि BJP इसे मुद्दे का राजनीतिकरण बता रही है।
राजनीति गरम, नजर पुलिस की जांच पर
क्रिसमस से जुड़ी इस घटना ने दिल्ली की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
एक तरफ AAP इसे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से जोड़ रही है, तो दूसरी ओर BJP इसे धार्मिक भावनाओं के राजनीतिक इस्तेमाल का उदाहरण बता रही है।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि राजनीतिक आरोप–प्रत्यारोप के बीच कानून क्या रुख अपनाता है।
Author: Deepak Mittal









