देश में सुरक्षा उपकरणों को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने फैसला किया है कि अब भारत में सिर्फ मेड इन इंडिया सीसीटीवी कैमरे ही बेचे जाएंगे। एक अप्रैल से बिना प्रमाणित विदेशी सीसीटीवी उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस फैसले को देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जिन सीसीटीवी कैमरों के पास एसटीक्यूसी प्रमाणन नहीं होगा, उन्हें बाजार में बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आयातित उत्पादों के पुराने स्टॉक को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 तक का समय दिया गया था। अब इस अवधि के खत्म होते ही नया नियम लागू हो गया है।
एसटीक्यूसी यानी स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन एक सरकारी मानक है, जो किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा को जांचता है। सरकार का कहना है कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि बाजार में बिकने वाले सीसीटीवी सुरक्षित और भरोसेमंद हों।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर चीन की कंपनियों पर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक हिकविजन और टीपी-लिंक जैसी कंपनियों को एसटीक्यूसी प्रमाणन नहीं मिला है। ऐसे में उनके उत्पाद अब भारतीय बाजार में नहीं बिक सकेंगे। इससे विदेशी कंपनियों की पकड़ कमजोर होने की संभावना है।
Author: Deepak Mittal








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