धमतरी। जिले में चलाए जा रहे नशा मुक्त भारत जनजागरूकता अभियान के तहत मकई चौक धमतरी में प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में आयोजित इस अभियान ने आमजन, युवाओं और विद्यार्थियों के बीच नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया। कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने पूरे वातावरण को जनजागरण और सामाजिक चेतना से भर दिया।
अभियान में जय छत्तीसगढ़ महतारी महिला सेवा संस्थान, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, एजेक्ट फाउंडेशन, पूर्ण वेलफेयर भारत स्काउट गाइड धमतरी सहित कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। शिवा प्रधान, लक्ष्मण साहू, आकाश गिरी गोस्वामी, मोहनी साहू, ऋतु प्रधान, कनक शाह, वीणा देवांगन, भारती सोनी, लक्ष्मी सोनी, एकता सोनू, सोहन लाल साहू और खोमन लाल साहू सहित स्वयंसेवकों ने लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और प्रभावशाली हिस्सा नुक्कड़ नाटक रहा, जिसमें कलाकारों ने जीवंत अभिनय के माध्यम से दिखाया कि नशा किस तरह व्यक्ति की जिंदगी, परिवार की खुशियां और समाज की शांति को धीरे-धीरे बर्बादी की ओर धकेल देता है। संवादों और प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद लोगों को भावुक भी किया और सोचने पर मजबूर भी किया। युवाओं को नशे से दूर रहकर सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश पूरे दमखम के साथ दिया गया।
“नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “स्वस्थ युवा – सशक्त भारत” और “नशा मुक्त हो हर इंसान, तभी बनेगा देश महान” जैसे जोशीले नारों से पूरा मकई चौक गूंज उठा। कविता पाठ और गीतों के माध्यम से युवाओं को अपने सपनों, परिवार और भविष्य की सुरक्षा के लिए नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम ने लोगों के भीतर सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता की नई अलख जगाई।
इस दौरान स्वयंसेविका मोहनी साहू ने कहा कि आज नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। यदि युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आती है तो देश का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह स्वयं नशे से दूर रहेगा और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा। समाज की जागरूकता और युवाओं की भागीदारी से ही नशा मुक्त भारत का सपना साकार हो सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने भी इस जनजागरूकता अभियान की सराहना करते हुए इसे समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया। लोगों ने कहा कि इस तरह के अभियान गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचने चाहिए ताकि युवा पीढ़ी को नशे की दलदल में जाने से रोका जा सके।
अभियान का उद्देश्य समाज में नशे के खिलाफ सकारात्मक वातावरण तैयार करना, युवाओं में जागरूकता बढ़ाना और जनभागीदारी के माध्यम से स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज का निर्माण करना रहा।
Author: Deepak Mittal










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