एनएचएम स्वास्थ्यकर्मियों ने जलाए सरकारी आदेश की प्रतियां, हड़ताल जारी रखने की ली शपथ

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निर्मल अग्रवाल ब्यूरो चीफ मुंगेली 8959931111

मुंगेली- मुंगेली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने सरकार के दमनकारी रवैये के विरोध में 16 सितंबर तक नौकरी ज्वॉइन करने के आदेश की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज किया। उन्होंने अपनी मांगों के पूरा होने तक हड़ताल जारी रखने और संघ का साथ देने की शपथ भी ली।

एनएचएम स्वास्थ्यकर्मी ग्रेड पे, नियमितीकरण और वेतन वृद्धि जैसी अपनी मांगों को पूरा करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। जिले में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को आज एक महीना पूरा हो गया है, लेकिन जिला और प्रदेश स्तर पर चल रही इस हड़ताल का कोई नतीजा नहीं निकला है।

सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर ड्यूटी ज्वॉइन करने का नोटिस दिया है, जिसमें कहा गया है कि ऐसा न करने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा।

कर्मचारी सरकार के इस रवैये को दमनकारी बता रहे हैं और इसे 16,000 से अधिक कर्मचारियों के लिए धमकी करार दे रहे हैं। उन्होंने सरकारी आदेश की प्रतियां जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया।

जिले के एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश के एनएचएम कर्मचारियों को निकालकर नई भर्ती की धमकी दे रही है, लेकिन सरकार और उसके मंत्री संघ की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रहे हैं।

संघ के सदस्यों ने बताया कि इस पत्र के माध्यम से राज्य भर में जारी हड़ताल को तोड़ने का प्रयास किया गया है। इस दमनकारी पत्र से प्रतीत होता है कि राज्य सरकार, जो बार-बार संवेदनशीलता की बात करती है, उसके पास संवेदनशीलता है ही नहीं। कर्मचारी संगठन की ओर से 170 बार से ज्यादा विधायकों, मंत्रियों और सत्ताधारी पार्टी के लोगों को ज्ञापन दिए गए हैं। यह संगठन की संवेदनशीलता का परिचय है, जिसे अपनी मांगों और जनसामान्य की असुविधा को ध्यान में रखते हुए अपनाया गया था, ताकि अनिश्चितकालीन हड़ताल की आवश्यकता न पड़े।

कर्मचारी अपनी रोजी-रोटी, पेट पालन और भविष्य की चिंता में दिन-रात सेवा दे रहे हैं और सरकार से यही मांग कर रहे हैं कि उनका भविष्य सुरक्षित हो जाए। आगे पूरे प्रदेश में आंदोलन और तेज तथा उग्र होगा।

यदि सरकार और प्रशासन दमन की नीति अपनाएंगे, तो संगठन की ओर से संवैधानिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। समस्त जिलों की ओर से राज्यपाल से इच्छामृत्यु मांगी जा रही है। कुछ दिनों में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। जैसे-जैसे दिन बढ़ते जा रहे हैं, संगठन मजबूती के साथ आंदोलन में खड़ा रहेगा।

धरना प्रदर्शन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के समस्त चिकित्सा अधिकारी आयुष, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, स्टाफ नर्स, एएनएम, आरएमए, जेएसए, फार्मासिस्ट, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंड लेखा प्रबंधक, विकासखंड डाटा प्रबंधक, जिला स्तर से टीबी विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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