Monsoon Active: अगले 36 घंटों के अंदर एक्टिव होगा मानसून, कई जिलों में झमाझम बारिश की चेतावनी, वज्रपात से 12 की मौत

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बिहार में मानसून की आधिकारिक एंट्री से पहले ही मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। सोमवार की रात से ही राज्य के कई जिलों में तेज़ बारिश और आंधी ने दस्तक दी है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 36 घंटों के भीतर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो सकता है।

बारिश की यह शुरुआत जहां भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं आसमान से गिरती बिजली ने कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है।

40-50 किमी की रफ्तार से चली तेज़ हवाएं, कई इलाकों में बिजली गिरने से हड़कंप भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पटना के अनुसार, पश्चिमी, पूर्वी, उत्तर-मध्य और दक्षिण-मध्य बिहार के कई जिलों में मंगलवार से लेकर बुधवार तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने संभावित वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया है और लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। सोमवार को ही पटना, भागलपुर, मोतिहारी, बेतिया और सीमांचल के अन्य हिस्सों में तेज़ आंधी और बारिश की खबरें सामने आईं। इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन आर्द्रता भरी हवा के कारण उमस बरकरार है।

वज्रपात बना काल: 24 घंटे में 12 से अधिक लोगों की मौत तेज़ बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाएं जानलेवा साबित हो रही हैं। बीते 24 घंटों में वज्रपात से 12 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अधिकतर हादसे सीमांचल और उत्तर बिहार के इलाकों से सामने आए हैं, जहां खेतों में काम कर रहे लोग या खुले मैदानों में मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। प्रशासन ने संवेदनशील जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान और बारिश के समय घरों में ही रहें, मोबाइल या धातु से बनी चीज़ों का इस्तेमाल न करें, और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।

मानसून की दहलीज़ पर बिहार: राहत भी, खतरे भी राज्य में मानसून की दस्तक अब बस कुछ घंटों की दूरी पर है। अगर मौसम विभाग का अनुमान सही रहा, तो बुधवार शाम तक बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिससे सूखे और गर्मी से परेशान किसानों और आमजन को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश की इस शुरुआत ने यह भी दिखा दिया है कि मानसून के साथ बिजली गिरने और तूफानों का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में न सिर्फ सावधानी, बल्कि जागरूकता भी ज़रूरी है।

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Author: Deepak Mittal

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