मासिक धर्म स्वच्छता दिवस: भ्रांतियों, चुप्पियों और पर्यावरणीय चुनौतियों पर संवाद

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रायपुर, 28 मई 2025
विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में एक दिवसीय कार्यशाला “शक्ति संवाद – स्वच्छता से सशक्तीकरण की ओर” आयोजित की गई। कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव सहित विभिन्न विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यशाला में नगरीय निकायों के मास्टर ट्रेनर स्वच्छता दीदियों को सुरक्षित सेनेटरी अपशिष्ट प्रबंधन और मासिक धर्म स्वच्छता के विषय में प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति पीयूष कांत भी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि मासिक धर्म स्वच्छता दिवस न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकार को रेखांकित करता है, बल्कि इससे जुड़ी भ्रांतियों, सामाजिक चुप्पियों और पर्यावरणीय समस्याओं पर भी सोचने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि मास्टर ट्रेनरों को यह जानकारी प्रदेश की 10 हजार स्वच्छता दीदियों और लाखों बहन-बेटियों तक पहुंचानी है ताकि माहवारी से जुड़ी झिझक को खत्म किया जा सके।

अरुण साव ने यह भी कहा कि सेनेटरी नेपकिन के उपयोग के बाद उसके उचित निपटान की प्रक्रिया को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित शौचालयों और स्वास्थ्य सुविधाओं ने इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि मासिक धर्म स्वच्छता के लिए वातावरण बनाना और महिलाओं को जागरूक करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह विषय महिलाओं के स्वास्थ्य से ही नहीं, समाज की संवेदनशीलता और मानसिकता से भी जुड़ा है। उन्होंने बताया कि यह पहली कार्यशाला है और आने वाले समय में इसे प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आयोजित किया जाएगा।

एम्स के पूर्व निदेशक और पद्मश्री सम्मानित डॉ. रणदीप गुलेरिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्वच्छता दीदियों को माहवारी स्वच्छता के वैज्ञानिक पहलुओं से अवगत कराया। एमिटी यूनिवर्सिटी की डॉ. आकांक्षा सिंह ने सेनेटरी पैड के सही निपटान और आवश्यक सावधानियों पर प्रेजेंटेशन दिया। यूनिसेफ के वॉश विशेषज्ञ आशीष कुमार ने व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष जानकारी दी।

एसएलआरएम सेंटर में कार्यरत स्वच्छता दीदियों को घरेलू हानिकारक अपशिष्टों के सुरक्षित निपटान और सेंटर के संचालन के लिए भी प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा, डॉ. सबापथी एस. के स्टार्टअप “समर्थन” से जुड़े वक्ता ऋतु वर्मा और देवीदास ने मासिक धर्म स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वच्छता पर प्रस्तुतीकरण दिए।

कार्यशाला में सूडा के अतिरिक्त कार्यपालन अधिकारी दुष्यंत कुमार रायस्त सहित नगरीय प्रशासन विभाग और सूडा के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: Deepak Mittal

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