एंबुलेंस न मिलने से घायल युवक ने तोड़ा दम, अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में 20 घंटे तक नहीं मिली सुविधा, परिजनों ने शव रखकर किया चक्काजाम
अंबिकापुर। सड़क हादसे में घायल पहाड़ी कोरवा समाज के युवक की इलाज के इंतजार में मौत हो गई, क्योंकि अस्पताल से रायपुर रेफर किए जाने के बावजूद 20 घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। समय पर उपचार न मिलने से युवक की जान चली गई। इस घटना ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पुलिस चौकी के सामने रखकर चक्काजाम किया। उनकी मांग है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। इस घटना को लेकर कांग्रेस ने भी पीड़ित परिवार का समर्थन किया है।
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के ग्राम ककना (मदेश्वरपुर) निवासी गुड्डू कोरवा (34) अपने साथी बजल साय के साथ 4 अक्टूबर को ग्राम घटगांव गया था। लौटते समय उनकी बाइक सिधमा गांव के पास मिट्टी-मुरुम के ढेर से टकरा गई, जिससे दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे में गुड्डू कोरवा के सिर में गंभीर चोटें आईं।
उन्हें तुरंत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत देखते हुए रायपुर रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण घायल को 20 घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिल सकी, और इसी दौरान उसने दम तोड़ दिया।
गांव वालों ने कहा कि अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो गुड्डू की जान बच सकती थी। अब ग्रामीणों और परिजनों ने शासन से अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई और कोरवा परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
Author: Deepak Mittal









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