प्रयागराज: तीर्थराज प्रयागराज में माघ मेला 2026 का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हो गया। तड़के सुबह से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में आस्था की डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ अर्जित किया। पहले ही दिन मेला क्षेत्र में भारी भीड़ देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्थाएं पूरी तरह नियंत्रण में रहीं।
माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक चलेगा। इस दौरान कई प्रमुख स्नान पर्व और धार्मिक आयोजन होंगे। पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस की तैयारियां जमीन पर असरदार नजर आईं।
अभूतपूर्व सुरक्षा, हर गतिविधि पर पैनी नजर
मेला क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर इस बार अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है। पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक AI-इनेबल्ड CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों से भी भीड़ और ट्रैफिक पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए NDRF और SDRF के गोताखोर संगम और आसपास के घाटों पर तैनात किए गए हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए ATS, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर हैं।
सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र, ट्रैफिक भी सुचारू
पूरे मेला क्षेत्र को कई सेक्टरों में बांटकर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा ने बताया कि पहले बड़े स्नान पर्व को देखते हुए सुरक्षा और यातायात को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
उन्होंने कहा,
“आज माघ मेला 2026 का पहला बड़ा स्नान पर्व है। इसकी निगरानी के लिए ड्रोन, AI-इनेबल्ड कैमरे और AI-आधारित सिस्टम लगाए गए हैं। ट्रैफिक और सुरक्षा टीमें जमीन पर तैनात हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।”
एक महीने की ट्रेनिंग, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि
अधिकारियों के अनुसार, मेला ड्यूटी में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को एक महीने से अधिक समय तक विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ी हर स्थिति से निपटने की तैयारी पहले ही पूरी कर ली गई थी।
प्रशासन का दावा है कि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता के साथ स्नान कर लौट रहे हैं, और आने वाले स्नान पर्वों के लिए भी इसी तरह की सख्त और आधुनिक व्यवस्था लागू रहेगी।
Author: Deepak Mittal










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