फर्जी दस्तावेज तैयार कर कारोबारी की करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने वाला गैंगस्टर गिरफ्तार

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गाजियाबाद:थाना साहिबाबाद पुलिस ने अपना नाम व पता बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कारोबारी की करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने वाले गैंगस्टर को गिरफ़्तार किया है।

डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष दशरथ पाटिल ने गुरुवार को यहां बताया कि 19सितंबर को थाना साहिबाबाद पर धोखाधड़ी कर ग्राम अर्थला में खसरा सं0 1162, 1218, 1217/2, 1255/1, 1275, 1274 एवं 1271 की भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के विरूद्ध गैगस्टर अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया था ।

तभी से आरोपी राजकुमार गर्ग निवासी अबूपुरा मोहल्ला थाना कोतवाली शहर मुजफ्फरनगर वर्तमान निवासी किराये का मकान म.न. 1323 सेक्टर नंबर 1 गुर्जरों के मंदिर के पास पार्क के सामने माधवपुरम मेरठ को नामजद किया गया था। उसके खिलाफ़ गैंगस्टर के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने उसे आज गिरफ्तार कर लिया।

राजकुमार गर्ग ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह करीब 18 वर्ष की उम्र में गाजियाबाद आ गया था यहाँ पर किराये के मकानों में रहकर छोटा मोटा प्राॅपर्टी डीलिंग का काम करता था। वर्ष 2017-18 में इसको जानकारी मिली कि ग्राम अर्थला मैट्रो स्टेशन के पास करोडों रूपये की खाली जमीन पड़ी हुई है, यह जमीन किसी राजकुमार अग्रवाल संयुक्त हिन्दु परिवार (एचयूएफ द्वारा राजकुमार अग्रवाल पुत्र गोपालदास निवासी 149 जीटी0ल रोड साहिबाबाद गाजियाबाद के नाम पंजीकृत है। चूँकि राजकुमार अग्रवाल उपरोक्त यहाँ नही रहते थे, अत: राजकुमार गर्ग ने भूमि पर कब्जा करने की नियत से अपने आधार कार्ड, वोटर कार्ड, में अपना नाम राजकुमार गर्ग के स्थान पर राजकुमार अग्रवाल तथा पिता का नाम सूरजमल गर्ग के स्थान पर गोपालदास अग्रवाल दर्ज कराया। उसके बाद उसने पुन: इस जमीन के फर्जी कागजात तैयार कराये।

राजकुमार गर्ग ने बताया कि जब उसको जानकारी प्राप्त हुई कि अर्थला मेट्रो स्टेशन के पास करोड़ो रुपये की खाली पड़ी जमीन के स्वामी राजकुमार अग्रवाल पुत्र गोपालदास अग्रवाल निवासी 149 जी0टी0 रोड़ साहिबाबाद गाजियाबाद यहां नही रहते हैं, तो इसने सबसे पहले खाली पड़ी जमीन पर कब्जा करने के नियत से अपनी पुरानी पहचान को मिटाने के लिये अपने पुराना आधार कार्ड, वोटर कार्ड से अपना नाम राजकुमार गर्ग के स्थान पर राजकुमार अग्रवाल तथा पिता का नाम सूरजमल गर्ग के स्थान पर गोपालदास अग्रवाल दर्ज कराया, इसके बाद अपने पुराने बैंक खाते को बन्द कराते हुये नये नाम/पहचान से बैंको में नये खाते खुलवाये। इसके बाद उसने ग्राम अर्थला में खसरा सं. 834, 840, 841, 1162, 1163, 1217/2, 1218, 1244, 1252, 1254, 1255/1, 1259, 1260, 1261, 1262, 1271, 1273, 1274, 1275, 1276, 1287, 1280, 1288, 1291, 1292, 1293, 1295, 1296, 1297, 1317, 1392, 1397 के फर्जी पार्टनरशिप डीड, मुख्तारनामा व एग्रीमेन्ट तैयार किये। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दलालों के माध्यम से राजकुमार गर्ग नये ग्राहकों को ढूढंता था और इनको अपनी सम्पत्ति बताते हुये फर्जी डीड तैयार कर टोकन मनी ले लेता था और गायब हो जाता था, इसके बाद पुन: नये ग्राहकों की तलाश करता था।

श्री पाटिल ने बताया कि अब तक 07 बार इन फर्जी दस्तावेजों के आधार धोखाधड़ी की घटनायें संज्ञान में आयीं हैं। इसके द्वारा रविन्द्र सिंह पनिवासी मण्डोली दिल्ली के साथ इसी प्रकार धोखाधड़ी की गयी, इसके अतिरिक्त दिलीप सिंह प निवासी गली न0 01 शाहदरा दिल्ली के साथ भी उक्त धोखाधड़ी का प्रयास किया गया। इस सम्बन्ध में और अधिक गहनता से जाँच की जा रही है।

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