दंतेवाड़ा। कुआकोंडा थाना क्षेत्र के मोखपाल गांव में 75 वर्षीय महिला ने आत्महत्या कर ली, लेकिन पुलिस की संवेदनहीनता ने परिजनों का दर्द और बढ़ा दिया। घटना के समय शाम 4 बजे परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस ने उन्हें केवल “सुबह आएंगे” कहकर लौट दिया।
परिणामस्वरूप, मृतक का शव पूरी रात फंदे पर झूलता रहा, जबकि परिजन रोते-बिलखते उसकी लाश के पास बैठे रहे। ग्रामीणों ने कहा कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो शव को सुरक्षित अस्पताल भेजा जा सकता था और परिजनों का यह मानसिक पीड़ा कम हो सकती थी।
सुबह करीब 10 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारा गया। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Author: Deepak Mittal










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