जे के मिश्र
जिला ब्यूरो चीफ
नवभारत टाइम्स 24*7in बिलासपुर
बिलासपुर: मोपका क्षेत्र में शासकीय चरनोई भूमि को कब्रिस्तान के लिए आवंटित करने के प्रशासनिक निर्णय के खिलाफ सनातनी हिंदू समाज ने कड़ा विरोध जताया है। समाज के सदस्यों ने इसे सार्वजनिक हितों के खिलाफ बताते हुए तहसीलदार बिलासपुर को अधिवक्ता निखिल शुक्ला के माध्यम से आपत्ति पत्र सौंपा है।
आपत्ति दर्ज कराने वालों में गोपाल तिवारी, पुखराज, प्रवीण गुप्ता, अभिषेक ठाकुर, युवराज तोड़ेकर, आकाश सरकार, प्रिंस वर्मा, राजा पांडेय, मनीष वर्मा, काली मिश्रा, अविनाश मोटवानी और ओंकार कश्यप शामिल हैं। उनका कहना है कि यह भूमि सरकारी निस्तार पत्रक में चराई भूमि के रूप में दर्ज है और वर्षों से स्थानीय पशुधन के लिए उपयोग होती रही है।
आपत्तिकर्ताओं ने तर्क दिया है कि बिना उचित प्रक्रिया अपनाए इस भूमि को किसी विशेष समुदाय को आवंटित करना न केवल गलत है, बल्कि ग्रामवासियों के अधिकारों का उल्लंघन भी है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रिंस वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह भूमि ग्रामीणों के हितों के लिए आरक्षित है और यदि इसे अन्य उपयोग में लिया गया तो वे न्यायालय में कानूनी कार्रवाई करेंगे।
सनातनी हिंदू समाज ने प्रशासन से इस आवंटन को तुरंत रद्द करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी आपत्ति पर उचित विचार नहीं किया गया तो वे इस फैसले को कानूनी चुनौती देंगे।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। सवाल यह उठता है कि क्या शासकीय चरनोई भूमि को इस प्रकार से किसी विशेष उपयोग के लिए आवंटित किया जा सकता है? अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या निर्णय लेता है और आपत्तिकर्ताओं की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
Author: Deepak Mittal









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