अकेले चुनाव लड़ने के फैसले पर कांग्रेस का मायावती पर हमला, लगाए ‘संविधान विरोधी ताकतों’ के समर्थन के आरोप

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

नई दिल्ली: कांग्रेस ने बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती के आगामी चुनाव अकेले लड़ने के फैसले को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने मायावती पर परोक्ष रूप से “संविधान विरोधी ताकतों” का समर्थन करने का आरोप लगाया और उनके बयानों पर सवाल खड़े किए।

सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल ने मायावती के साथ गठबंधन को लेकर कोई पत्र या औपचारिक प्रस्ताव नहीं भेजा है। उन्होंने कहा, “न तो कांग्रेस ने, न समाजवादी पार्टी ने और न ही INDIA ब्लॉक की ओर से ऐसा कोई संदेश गया है। ऐसे में मायावती किस गठबंधन की बात कर रही हैं, यह उन्हें स्पष्ट करना चाहिए।”

राजपूत ने आगे कहा, “अगर आप अकेले चुनाव लड़ना चाहती हैं तो हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। लेकिन जिस तरह से आप सार्वजनिक मंचों, रैलियों और सभाओं में भारतीय जनता पार्टी की तारीफ कर रही हैं, उससे यह साफ होता है कि आप संविधान विरोधी ताकतों का समर्थन कर रही हैं।”

कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया मायावती के 70वें जन्मदिन के एक दिन बाद आई है। इस मौके पर मायावती ने घोषणा की थी कि बहुजन समाज पार्टी देशभर में सभी चुनाव, जिनमें 2027 के अहम उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भी शामिल हैं, बिना किसी गठबंधन के अकेले लड़ेगी और राज्य में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का लक्ष्य रखेगी।

लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा था कि छोटे और बड़े सभी चुनाव बिना गठबंधन के लड़ना ही अधिक उचित है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी सभी वर्गों—ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, किसान और अन्य समुदायों—को सम्मान, उचित प्रतिनिधित्व और सुरक्षित आजीविका देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से ब्राह्मण समाज से अपील करते हुए कहा कि वे कांग्रेस, भाजपा या समाजवादी पार्टी के बहकावे में न आएं।

इस दौरान सुरेंद्र राजपूत ने कोलकाता I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोनों पक्षों से जवाब तलब किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने जवाब दिया जाना चाहिए ताकि संविधान के अनुसार सच्चाई सामने आ सके। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर काम करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) अन्य राजनीतिक दलों के दस्तावेज जब्त करने की कोशिश कर रही है, जिस पर सरकार और ममता बनर्जी को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

September 2026
S M T W T F S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  

Leave a Comment