बलौदाबाजार: जिले में धान खरीदी और उठाव को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। धान उठाव में लापरवाही बरतने वाले मिलर्स की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं, क्योंकि कलेक्टर दीपक सोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि तय समयसीमा के बाद भी धान नहीं उठाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
10–12 दिन में नहीं हुआ उठाव, तो सीधे कार्रवाई
सोमवार को आयोजित खाद्य, सहकारिता, कृषि एवं संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) जारी होने के 10 से 12 दिन बाद भी यदि किसी मिलर ने धान उठाव नहीं किया, तो उसकी जांच कर ओवरराइट की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि इस मामले में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
थोक व्यापारियों पर भी प्रशासन की नजर
कलेक्टर ने थोक व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर पुनः भौतिक सत्यापन जांच शुरू करने के निर्देश दिए। जिन समितियों से अब तक धान उठाव शुरू नहीं हुआ है, वहां शीघ्र डीओ जारी कर धान उठाव प्रारंभ करने के आदेश दिए गए।
इसके साथ ही मिलर्स की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने और चेक पोस्टों पर संयुक्त टीम द्वारा सतत जांच कर अवैध धान पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
धान खरीदी के आंकड़े—काम जारी, दबाव भी बरकरार
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के 166 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी लगातार जारी है।
अब तक—
-
76,805 किसानों से
-
3,60,887 मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है।
साथ ही 50,676 किसानों का लगभग 1058 हेक्टेयर रकबा समर्पित कराया गया है।
जिले के 165 उपार्जन केंद्रों से डीओ के विरुद्ध धान उठाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
प्रशासन का साफ संदेश—लापरवाही नहीं चलेगी
कलेक्टर दीपक सोनी के सख्त निर्देशों से यह स्पष्ट है कि धान उठाव में देरी करने वाले मिलर्स अब रडार पर हैं। प्रशासन का संदेश बिल्कुल साफ है—
Author: Deepak Mittal









Total Users : 8189427
Total views : 8224161