रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद इस बार बजट की थीम ‘संकल्प’ रखी गई है। बजट पेश करने से पहले मंत्री ने अपने बंगले स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनकी पत्नी अदिति चौधरी भी मौजूद रहीं।
बस्तर-सरगुजा पर विशेष फोकस
बजट में बस्तर के अंदरूनी इलाकों में बस सेवा शुरू करने के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बूझमाड़-जगरगुंडा क्षेत्र में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी। बस्तर और सरगुजा में डॉक्टरों की भर्ती तथा रोड नेटवर्क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
इंद्रावती नदी में मटनार और देउरगांव में बैराज निर्माण के लिए 24 करोड़ की लागत के साथ कुल 68 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।
महिला एवं बाल विकास के लिए बड़ी घोषणाएं
‘रानी दुर्गावती योजना’ के तहत बालिकाओं के 18 वर्ष पूर्ण होने पर डेढ़ लाख रुपए की राशि देने का ऐलान किया गया है।
प्रदेश में 250 महतारी सदन बनाए जाएंगे, जिसके लिए 75 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती
‘शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान योजना’ के अंतर्गत शासकीय एवं निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपए तक के इलाज के लिए 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
कांकेर, कोरबा और महासमुंद में नए नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे। रायपुर के मेकाहारा में एआई के उपयोग के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मितानिन कल्याण निधि के लिए 350 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
पर्यटन और अधोसंरचना
मैनपाट और जशपुर के कोतेबेरा में पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे। रायपुर में खाद प्रयोगशाला (फूड लैब) का निर्माण भी प्रस्तावित है।
रोजगार और निवेश
बस्तर और सरगुजा में आजीविका बढ़ाने के लिए एग्रीकल्चर, एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग, राइस मिल और पोल्ट्री फार्म जैसे उद्योगों के लिए 100 करोड़ रुपए के निवेश का प्रावधान किया गया है।
‘SANKALP’ का अर्थ
सरकार ने ‘SANKALP’ थीम के तहत बजट प्रस्तुत किया, जिसमें—
S – समावेशी विकास
A – अधोसंरचना
N – निवेश
K – कुशल मानव संसाधन
A – अन्त्योदय
L – लाइवलीहुड
P – पॉलिसी से परिणाम तक
सरकार का दावा है कि यह बजट समावेशी विकास, अधोसंरचना विस्तार और रोजगार सृजन के माध्यम से प्रदेश को नई दिशा देगा।
Author: Deepak Mittal









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