हादसे में एक गौ-वंश की मौत, पुलिस ने जब्त किया वाहन, आरोपियों की तलाश जारी
जशपुर, 19 जून 2025।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत गौ-तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 9 गौ-वंशों को सुरक्षित छुड़ाया, जबकि दुर्भाग्यवश एक गौ-वंश की मौत हो गई। तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया, जिससे यह दुर्घटना हुई।
कैसे हुआ घटनाक्रम?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन में अवैध रूप से गौ-वंशों को भरकर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही जशपुर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर निगरानी शुरू की। कुछ ही देर बाद संदेहास्पद वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई और शेष 9 गौ-वंश घायल अवस्था में पाए गए।
तस्कर मौके का फायदा उठाकर मवेशियों और वाहन को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल मवेशियों को सुरक्षित निकाला और पशु चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
आरोपियों की तलाश तेज
तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त कर लिया गया है और पुलिस ने आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए अभियान शुरू कर दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी है और स्थानीय थानों को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ऑपरेशन ‘शंखनाद’ बना तस्करों के लिए सिरदर्द
गौरतलब है कि जशपुर जिले में बीते कुछ समय से गौ-तस्करी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही थी। इसे रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ‘ऑपरेशन शंखनाद’ की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य मवेशियों की अवैध तस्करी, वध और परिवहन पर रोक लगाना है।
इस अभियान के तहत जिले भर में चेकिंग, निगरानी और सूचना तंत्र को सुदृढ़ किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
समाज के लिए सशक्त संदेश
जशपुर पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ गौ-वंशों की रक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल है, बल्कि इससे गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त तस्करों को स्पष्ट संदेश गया है कि अवैध कारोबार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Author: Deepak Mittal









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