नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक साथ दस हाथियों की संदिग्ध मौत के मामले ने हाहाकार मचा दिया है। केंद्रीय सरकार ने इस घटना की गहन और उच्च स्तर की जांच के आदेश दिए हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस घटना के पीछे कोई आपराधिक साजिश तो नहीं है।
खितौली रेंज में 13 हाथियों ने जहरीले पदार्थ का सेवन किया, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। 29 अक्टूबर को चार हाथी मृत पाए गए, जबकि अन्य चार की मृत्यु 30 अक्टूबर को हुई। 31 अक्टूबर को दो हाथियों ने दम तोड़ दिया। मरने वाले हाथियों में नौ मादा और एक नर शामिल हैं। अन्य तीन में से एक हाथी पूरी तरह स्वस्थ है, जबकि दो की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
इस गंभीर मामले की जांच को वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को सौंपा गया है, जो भारत में वन्यजीवों के साथ होने वाले अपराध की रोकथाम के लिए समर्पित है। ब्यूरो ने इस जांच के लिए चार सदस्यीय एक समिति गठित की है, जिसमें वरिष्ठ भारतीय वन सेवा अधिकारी एन विष्णुराज नरेन्द्रन समिति के अध्यक्ष होंगे। अन्य सदस्यों में वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर कौशिक मंडल, विनोद कुमार पटेल, और नदीम हुसैन शामिल हैं।
ब्यूरो के संयुक्त निदेशक डा. मनोज कुमार ने जांच टीम को तत्काल कार्रवाई करने और तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, टीम को पिछले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में हाथियों की अन्य अप्राकृतिक मौतों की जानकारी जुटाने का भी निर्देश दिया गया है।
Author: Deepak Mittal









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