नई दिल्ली: दिल्लीवासियों के लिए हाउस टैक्स और प्रॉपर्टी से जुड़े कामों को आसान बनाने की दिशा में दिल्ली नगर निगम (MCD) एक बड़ा तकनीकी बदलाव करने जा रहा है। अब राजधानी की सभी संपत्तियों की यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन कोड (UPIC) को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। इस फैसले के बाद न सिर्फ हाउस टैक्स भरना आसान होगा, बल्कि संपत्ति से जुड़ी तमाम जानकारियां भी पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो जाएंगी।
इस साल लागू होगा नया सिस्टम
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, यह नया सिस्टम 2026 के भीतर लागू करने की तैयारी है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) से अनुमति मिलने के बाद दिल्ली सरकार ने प्रक्रिया को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जनवरी के दूसरे सप्ताह में होने वाली MCD और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में इस संबंध में अधिसूचना जारी करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
हाउस टैक्स देने वालों की संख्या में होगा बड़ा उछाल
फिलहाल दिल्ली में करीब 13 लाख लोग हाउस टैक्स अदा कर रहे हैं, लेकिन नई आधार-लिंकिंग व्यवस्था लागू होने के बाद यह संख्या 50 लाख से अधिक तक पहुंच सकती है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली कनेक्शन और अन्य सरकारी डेटाबेस से जानकारी लेकर टैक्स नेट को और व्यापक बनाया जाएगा, जिससे टैक्स चोरी पर भी लगाम लगेगी।
आधार-प्रॉपर्टी ID लिंकिंग के बड़े फायदे
इस नई व्यवस्था का लाभ रिहायशी और कमर्शियल दोनों तरह की संपत्तियों को मिलेगा। लिंकिंग के बाद नागरिक MCD की आधिकारिक वेबसाइट
👉 mcdonline.nic.in/portal
पर जाकर सिर्फ आधार नंबर के जरिए—
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अपनी पूरी प्रॉपर्टी डिटेल देख सकेंगे
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हाउस टैक्स ऑनलाइन जमा कर सकेंगे
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बकाया टैक्स की जानकारी तुरंत पा सकेंगे
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प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री के बाद ट्रांसफर रिकॉर्ड अपडेट कर सकेंगे
डिजिटल प्रशासन की ओर बड़ा कदम
MCD की इस पहल का मकसद केवल टैक्स कलेक्शन बढ़ाना नहीं, बल्कि डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करना भी है। अधिकारियों का मानना है कि आधार-प्रॉपर्टी लिंकिंग से सिस्टम ज्यादा तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगा।
कुल मिलाकर, यह फैसला दिल्लीवासियों के लिए हाउस टैक्स की झंझट कम करने वाला और सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि यह सिस्टम ज़मीन पर कितनी तेजी से लागू होता है और लोगों को इसका फायदा कब से मिलना शुरू होता है।
Author: Deepak Mittal









