नई दिल्ली: निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक IDFC First Bank के शेयरों में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। बैंक द्वारा हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में 590 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का खुलासा करने के बाद निवेशकों में हड़कंप मच गया।
BSE पर बैंक का शेयर 19.99 प्रतिशत गिरकर 66.85 रुपये पर बंद हुआ, जो इसकी लोअर सर्किट लिमिट भी रही। बाजार में यह गिरावट हरियाणा सरकार द्वारा बैंक को सरकारी कार्यों से तत्काल प्रभाव से डी-एम्पेनल्ड (अमान्य) किए जाने के फैसले के बाद आई।
हरियाणा सरकार का सख्त कदम
हरियाणा सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी एक सर्कुलर में कहा गया कि IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को कथित फर्जी खातों के मामले में अगली सूचना तक सरकारी कामकाज से अलग रखा जाता है।
इस घटनाक्रम के बाद AU Small Finance Bank के शेयर भी 7.62 प्रतिशत गिरकर 950.50 रुपये के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गए।
बैंक का पक्ष
रविवार को जारी बयान में IDFC फर्स्ट बैंक ने स्वीकार किया कि हरियाणा सरकार से जुड़े खाते में 590 करोड़ रुपये का फ्रॉड बैंक के कुछ कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों की मिलीभगत से हुआ।
बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी V. Vaidyanathan ने निवेशकों और विश्लेषकों के साथ बैठक में कहा कि बैंक इस मामले में आवश्यक प्रावधान (प्रोविजन) करेगा और अपनी नीति के अनुसार संभावित वित्तीय दबाव को पहले ही पहचान लेगा।
वहीं, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार किया है। जयपुर स्थित बैंक ने अपनी फाइलिंग में कहा कि संबंधित सरकारी खाता प्रारंभ में 25 करोड़ रुपये के क्रेडिट के साथ खोला गया था और बाद में विभिन्न लेनदेन के माध्यम से 47 करोड़ रुपये अतिरिक्त जमा किए गए। बैंक के अनुसार, 47 करोड़ रुपये 14 ट्रांजैक्शन के जरिए एक ग्राहक खाते में स्थानांतरित किए गए।
बाजार पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ है। आगे की जांच और बैंक द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर बाजार की नजर रहेगी।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है और नियामकीय व कानूनी प्रक्रियाओं के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
Author: Deepak Mittal









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