नई दिल्ली: टेक दिग्गज Google ने 2025 में एंड्रॉयड इकोसिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए उठाए गए बड़े कदमों की जानकारी साझा की है। कंपनी के वार्षिक सिक्योरिटी अपडेट के मुताबिक, Google Play पर लाखों संदिग्ध ऐप्स को पब्लिश होने से पहले ही ब्लॉक कर दिया गया।
कंपनी ने बताया कि 2025 में कुल 17.5 लाख ऐप्स को प्लेटफॉर्म पर आने से रोका गया, क्योंकि वे पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे थे। ये ऐप्स मालवेयर फैलाने, फाइनेंशियल फ्रॉड, छिपे हुए सब्सक्रिप्शन और यूजर्स की प्राइवेसी में दखल जैसे जोखिम पैदा कर सकते थे।
इसके अलावा 80 हजार डेवलपर्स को भी बैन किया गया, जो संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, 2,55,000 ऐप्स को यूजर्स के संवेदनशील और गैर-जरूरी डेटा तक पहुंचने से रोका गया है। कंपनी ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को और मजबूत करते हुए ‘प्राइवेसी-फॉरवर्ड डेवलपमेंट’ को बढ़ावा देने की बात कही है।
AI की अहम भूमिका
गूगल ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स ने इस अभियान में अहम भूमिका निभाई। एंटी-स्पैम सिस्टम को अपग्रेड कर 16 लाख स्पैम रेटिंग और फर्जी रिव्यूज को ब्लॉक किया गया, जिनमें AI-जनरेटेड रिव्यू भी शामिल थे।
कंपनी के अनुसार, उसका जेनरेटिव AI पावर्ड रिव्यू सिस्टम किसी ऐप के शुरुआती डेवलपमेंट स्टेज से ही उसका विश्लेषण करता है। यह सिस्टम मालवेयर, स्पाईवेयर और वित्तीय स्कैम की पहचान करने में सक्षम है। साथ ही ‘रिव्यू बॉम्बिंग’ जैसे अभियानों से ऐप्स को होने वाले नुकसान को भी कम किया गया है।
गूगल का कहना है कि इन कदमों से यूजर्स और डेवलपर्स दोनों का भरोसा मजबूत हुआ है और एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म को पहले से अधिक सुरक्षित बनाया गया है।
Author: Deepak Mittal










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